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Water Level Major Dams Across Country Dwindled Only 67 Remains With Situation South India Becoming Alarming
देश के बड़े बांधों में घटा पानी : सिर्फ 67% बचा, दक्षिण भारत में हालात चिंताजनक
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:09 PM IST
सार
देश के 178 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 67 फीसदी रह गया है। दक्षिण भारत में केवल 42 फीसदी पानी बचा है। जानें मानसून की कमी और बारिश के पूर्वानुमान का जलाशयों पर क्या असर पड़ सकता है।
देश के 178 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का केवल 67 फीसदी पानी बचा है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26.5 प्रतिशत अंक और पिछले 10 वर्षों के औसत से 18.5 प्रतिशत अंक कम है।
मध्य भारत को छोड़कर किसी भी क्षेत्र में जलाशयों में पानी का स्तर 80 फीसदी से अधिक नहीं है। आयोग की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रमुख जलाशयों की कुल क्षमता 184.762 अरब घन मीटर (BCM) है, जबकि इनमें फिलहाल 123.228 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध है।
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पानी की कमी
दक्षिण भारत के जलाशयों में पानी की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई बांधों में उनकी कुल क्षमता का एक-तिहाई से भी कम पानी बचा है। दक्षिणी क्षेत्र के जलाशयों में कुल क्षमता 55.879 अरब घन मीटर के मुकाबले केवल 23.659 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध है। यानी यहां जलाशयों में उनकी क्षमता का करीब 42 फीसदी पानी ही बचा है।
तमिलनाडु का अलीयार बांध अब भी खाली है। राज्य के बाकी आठ जलाशयों में से छह में उनकी कुल क्षमता का एक-चौथाई से भी कम पानी बचा है। पूरी क्षमता से भरे जलाशयों की संख्या घटी देश में अपनी पूरी क्षमता तक भरे जलाशयों की संख्या घटकर 11 रह गई है। इनमें से चार जलाशय झारखंड में हैं।
मानसून की कमी से बिगड़े हालात
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से 15 फीसदी कम रहा। मानसून के बाद भी बारिश की कमी बनी हुई है। एक से 21 अक्टूबर के बीच देश के 734 जिलों में से 75 फीसदी जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अगले सप्ताह की शुरुआत तक बारिश होने का अनुमान जताया है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। इससे दक्षिण भारत के जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने की उम्मीद है।
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