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Waiting Free Electricity For 24 Years 200 Farmers Asked Collector When Will We Get Connection
24 साल से मुफ्त बिजली का इंतजार : 200 से ज्यादा किसानों ने कलेक्टर से पूछा- कब मिलेगा कनेक्शन?
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:44 PM IST
सार
विरुधुनगर जिले में 200 से ज्यादा किसान वर्ष 2002 से मुफ्त बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वायरिंग और मोटर लगाने के बाद भी अब तक बिजली नहीं मिली। कलेक्टर ने मामले की जांच कर जल्द जानकारी देने का भरोसा दिया।
किसानों ने कलेक्टर से पूछा- कब मिलेगा कनेक्शन? (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में 200 से ज्यादा किसान पिछले करीब 24 साल से मुफ्त बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने खेतों में वायरिंग और मोटर लगाने का काम पूरा कर दिया, लेकिन अब तक बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। किसानों ने जिला प्रशासन से साफ बताने की मांग की कि उन्हें बिजली कनेक्शन कब मिलेगा।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, विरुधुनगर कलेक्ट्रेट में जिला कलेक्टर शरण्या अरी की अध्यक्षता में किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए बैठक हुई। इसमें किसानों ने मुफ्त बिजली कनेक्शन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि कनेक्शन मिलने के बाद वे खेतों में सिंचाई समेत दूसरे कृषि कार्य आसानी से कर सकेंगे। लेकिन लंबे समय से इंतजार के बावजूद बिजली नहीं मिली है। किसानों ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान कराने की मांग की।
चरणबद्ध तरीके से दिए जा रहे कनेक्शन
बिजली विभाग (टैंगेडको) के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र किसानों से आवेदन मिले हैं। आवेदनों की जांच के बाद पात्र किसानों को चरणबद्ध तरीके से बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
हालांकि, अधिकारी की ओर से कनेक्शन देने की प्रगति और लंबित आवेदनों से जुड़ा कोई आंकड़ा नहीं बताया गया। इससे किसानों में नाराजगी दिखी। कलेक्टर ने मामले की प्रगति की जांच करने और आवेदकों को जल्द जानकारी देने का भरोसा दिया।
जंगली सूअरों से फसल बचाने की मांग
बैठक में किसानों ने जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया। वेंबाकोट्टई के विजयकरिसल्कुलम क्षेत्र के किसानों ने बताया कि जंगली सूअरों ने उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
किसानों ने वन विभाग से जंगली सूअरों की समस्या पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि केवल फसल बीमा का मुआवजा इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। किसानों ने बताया कि फसल नुकसान के बाद बीमा दावों का निपटारा भी सही तरीके से नहीं हो रहा है। अधिकारियों ने किसानों को बीमा दावों के निपटारे का भरोसा दिया। किसानों ने इसे स्वीकार नहीं किया और जंगली सूअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग दोहराई।
मक्का फसल के बीमा दावों में देरी
किसानों ने मक्का की फसल को हुए नुकसान के बीमा दावों में देरी की शिकायत भी की। अधिकारियों ने बताया कि बीमा की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। इसके बाद किसानों के दावों का जल्द निपटारा किया जाएगा।
तीन महीने से अटकी मिट्टी उठाने की अनुमति
बैठक में श्रीविल्लिपुत्तूर, राजापालयम और वाट्राप तहसील क्षेत्रों के किसानों ने सरकारी और पंचायत के तालाबों से उपजाऊ मिट्टी उठाने की अनुमति में देरी का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने बताया कि उन्होंने करीब तीन महीने पहले अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। इस मुद्दे पर बैठक में काफी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि सांख्यिकी विभाग की मदद से जरूरी आंकड़े जुटाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब पात्र किसानों को सरकारी आदेश के अनुसार तालाबों से मिट्टी उठाने की अनुमति जल्द दी जाएगी। किसानों ने मांग की कि अनुमति जल्द जारी की जाए, क्योंकि उत्तर-पूर्वी मानसून शुरू होने के बाद तालाबों से मिट्टी निकालना मुश्किल हो जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने का भरोसा दिया।
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