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Punjab Meeting With Agriculture Minister No Concrete Assurance On Demands Agitation Announced
पंजाब : कृषि मंत्री से डेढ़ घंटे की बैठक, मांगों पर नहीं मिला ठोस आश्वासन... आंदोलन का एलान
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:50 PM IST
सार
बठिंडा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां से करीब डेढ़ घंटे की बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने दावा किया कि उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। संगठन ने 5 अक्टूबर को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के घेराव की तैयारियां तेज करने की बात कही।
कृषि मंत्री से डेढ़ घंटे की बैठक, मांगों पर नहीं मिला ठोस आश्वासन
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के प्रतिनिधिमंडल ने बठिंडा में पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां से करीब डेढ़ घंटे तक बैठक की। किसान नेताओं ने दावा किया कि बैठक में उनकी विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन मंत्री की ओर से किसी भी मांग पर ठोस और सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला।
बैठक के बाद संगठन ने कहा कि सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेताओं के मुताबिक, 5 अक्टूबर को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के घेराव और मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारियां तेज की जाएंगी।
कर्ज माफी और मुआवजे की मांग
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके, प्रदेश सचिव शिंगारा सिंह मान, उपाध्यक्ष रूप सिंह छन्ना और प्रेस सचिव जगतार सिंह कालाझाड़ शामिल रहे।
किसान नेताओं ने पंजाब से जुड़ी कई मांगें कृषि मंत्री के सामने रखीं। इनमें कर्ज के बोझ से दबे किसानों और मजदूरों का कर्ज खत्म करना प्रमुख मांग रही। इसके अलावा आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने के साथ उनका कर्ज माफ करने की मांग की गई।
संगठन ने किसान आंदोलनों और पराली जलाने के मामलों में दर्ज पुलिस केस वापस लेने की भी मांग रखी। किसान नेताओं ने कहा कि जिन मांगों पर फैसला लेने का अधिकार पंजाब सरकार के पास है, उन्हें तुरंत लागू किया जाए। बाकी मामलों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ जल्द बैठक कर समाधान किया जाए।
केंद्र से जुड़ी मांगें भी उठाईं
किसान संगठन ने केंद्र सरकार से जुड़ी कई मांगें भी बैठक में रखीं। इनमें भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और अन्य समझौतों को रद्द करने की मांग शामिल है। संगठन ने बिजली विधेयक, बीज विधेयक, श्रम संहिताओं और जी-राम-जी से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग भी रखी। इसके अलावा तेल, गैस, चीनी और खाद की बढ़ी कीमतें वापस लेने तथा सरकारी संपत्तियों की बिक्री रोकने की मांग की गई।
सभी फसलों पर कानूनी एमएसपी की मांग
किसान नेताओं ने सभी फसलों पर डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग दोहराई। संगठन ने पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर इसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी की। इसके साथ ही सभी लोगों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू करने की मांग रखी गई।
5 अक्टूबर के कार्यक्रम की तैयारी तेज
किसान संगठन के नेताओं ने कहा कि उनके आंदोलन के अनुभव से पता चलता है कि बड़े स्तर पर एकजुट होकर आंदोलन करने से ही सरकारों पर मांगों को लेकर दबाव बनता है। संगठन ने 5 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर गांव-गांव में किसानों को जुटाने की प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। संगठन के मुताबिक, इस दिन डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों का घेराव और मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
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