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कूड़े से दौड़ेंगी गाड़ियां: बरेली में बनेगा सीबीजी प्लांट, कूड़ा और गोबर से तैयार होगी गाड़ी चलाने की गैस

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 31 Oct 2026 06:14 PM IST
सार

बरेली के सथरापुर में 50 करोड़ रुपये की लागत से सीबीजी प्लांट लगाया जाएगा। यहां रोज 200 टन गीले कचरे और गोबर से बायोगैस बनाकर वाहनों के लिए ईंधन तैयार किया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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बरेली में अब घरों, होटलों, मंडियों से निकलने वाले गीले कचरे और डेयरियों के गोबर से वाहन चलाने के लिए गैस तैयार की जाएगी। इसके लिए सथरापुर कूड़ा निस्तारण प्लांट में 50 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट लगाया जाएगा। नगर निगम और इंडियन ऑयल के बीच इस संबंध में समझौते की प्रक्रिया चल रही है। करीब छह एकड़ जमीन पर इंडियन ऑयल यह प्लांट स्थापित करेगा।

प्लांट में रोजाना 200 मीट्रिक टन जैविक कचरे का निस्तारण किया जाएगा। इसमें घरों, होटलों, मंडियों और अन्य स्थानों से निकलने वाला गीला कचरा शामिल होगा। डेयरियों से मिलने वाले गोबर का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस कचरे से बायोगैस बनाई जाएगी। इसके बाद गैस को साफ करके सीबीजी के रूप में तैयार किया जाएगा। इसका इस्तेमाल सीएनजी के विकल्प के तौर पर कार, ऑटो और बसों में किया जा सकेगा।

फैक्टरियों तक भी पहुंचाई जा सकेगी गैस
सीबीजी में मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है। तय मानकों के अनुसार तैयार होने पर इसका इस्तेमाल वाहनों में किया जा सकता है। इसके अलावा शुद्ध गैस को पाइपलाइन के जरिये फैक्टरियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा सकती है। वहां इसका इस्तेमाल पीएनजी के रूप में होगा। इस प्लांट से शहर के गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सकेगा। साथ ही कचरे से स्वच्छ ऊर्जा भी तैयार होगी। गैस बनाने के बाद बचने वाले जैविक पदार्थ से खाद तैयार करने की भी संभावना है।

गैस की बिक्री से नगर निगम को भी होगी कमाई
प्लांट से तैयार गैस की बिक्री से होने वाली कमाई में नगर निगम को भी हिस्सा मिलेगा। इससे निगम को अतिरिक्त आय हो सकती है। हालांकि, गैस का वास्तविक उत्पादन, बिक्री और नगर निगम को मिलने वाले राजस्व का निर्धारण समझौते की शर्तों के आधार पर होगा।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि इंडियन ऑयल के साथ समझौते की प्रक्रिया चल रही है। इसे दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। करीब छह एकड़ जमीन पर 50 करोड़ रुपये के निवेश से इंडियन ऑयल प्लांट तैयार करेगा। गैस की बिक्री से होने वाली आय का कुछ हिस्सा नगर निगम को भी मिलेगा।
 
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