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उत्तराखंड : क्षेत्र पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए सीएम धामी की 4 बड़ी घोषणाएं, निधि फिर होगी शुरू

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 02 Nov 2026 04:40 PM IST
सार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए चार बड़ी घोषणाएं की हैं। क्षेत्र पंचायत निधि फिर शुरू होगी और मानदेय-भत्ते बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तराखंड में क्षेत्र पंचायतों को मजबूत बनाने और पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार अहम घोषणाएं की हैं। इनमें क्षेत्र पंचायत निधि दोबारा शुरू करना, ब्लॉक प्रमुखों और पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय व भत्ते बढ़ाना और ग्रामीण विकास से जुड़े फैसलों में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में ये घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे अपने क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। इसलिए उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा।

सीएम धामी की चार बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायतों और उनके प्रतिनिधियों के लिए ये चार घोषणाएं कीं-
  1. क्षेत्र पंचायत निधि फिर शुरू होगी: क्षेत्र पंचायत निधि को दोबारा शुरू करने की घोषणा की गई है।
  2. मानदेय और भत्ते बढ़ेंगे: क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय व भत्तों में बढ़ोतरी के लिए कार्यवाही की जाएगी।
  3. आजीविका मिशन की समिति में मिलेगी जगह: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल किया जाएगा।
  4. गांव को शहर में शामिल करने से पहले होगी चर्चा: ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत से विचार-विमर्श किया जाएगा।

गांवों को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाकर ही पूरा किया जा सकता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने प्रदेश में रिवर्स पलायन यानी शहरों से गांवों की ओर लौटने वाले लोगों की संख्या में 44 प्रतिशत की वृद्धि होने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

महिला समूहों और किसानों को आगे बढ़ाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। किसानों, वरिष्ठ नागरिकों, सैनिकों और पूर्व सैनिकों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने में मदद करें।

सड़क, पानी और पर्यटन सुविधाओं पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के विकास के साथ गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटन गतिविधियां बढ़ें और स्थानीय लोगों को पूरे साल रोजगार के अवसर मिल सकें।
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