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Weather Hits Dry Fruits Bunches Priced Rs 18000 Walnuts Rs 3000 Per Kg Pine Nuts Also Above Rs 2000
सूखे मेवों पर मौसम की मार : गुच्छी 18 हजार तो अखरोट 3 हजार रुपये किलो, चिलगोजा भी 2 हजार के पार
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Mon, 02 Nov 2026 05:04 PM IST
सार
किन्नौर में मौसम की मार से सूखे मेवों का उत्पादन घटा है। गुच्छी 18 हजार, अखरोट 3 हजार और चिलगोजा 2 हजार रुपये किलो तक बिक रहा है। जानें इस साल के नए भाव।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस साल मौसम की मार से सूखे मेवों और प्राकृतिक उत्पादों का उत्पादन घट गया है। इसका असर बाजार में कीमतों पर पड़ा है। प्राकृतिक रूप से जंगलों में उगने वाली गुच्छी के दाम बढ़कर 18 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, अखरोट 3 हजार और चिलगोजा 2 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
बागवानों और कारोबारियों के मुताबिक, फूल आने के समय मौसम में अचानक बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। पिछले साल के मुकाबले कई सूखे मेवों के दाम 200 से 500 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।
गुच्छी के दाम में 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी
किन्नौर में प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्छी इस साल 18 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। पिछले साल इसका भाव करीब 15 हजार रुपये प्रति किलो था। यानी इसकी कीमत में लगभग 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
वर्ष 1980 से सूखे मेवों का कारोबार कर रहे पोवारी गांव के कारोबारी मालवर नेगी के अनुसार, इस साल उत्पादन कम रहने से बाजार में कीमतें बढ़ी हैं। कोठी गांव के कारोबारी मनमोहन नेगी ने बताया कि फूल आने के समय तापमान में अचानक गिरावट और फिर बढ़ोतरी से फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इससे उत्पादन कम हुआ है।
अखरोट 3 हजार और बादाम 1500 रुपये किलो
इस साल किन्नौर में अखरोट के दाम बढ़कर 3 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पिछले साल यह 2 हजार से 2500 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। इसी तरह बादाम की कीमत भी बढ़कर 1500 रुपये प्रति किलो तक हो गई है, जबकि पिछले साल इसका भाव 1200 से 1400 रुपये के बीच था। कारोबारियों के अनुसार, चिलगोजा भी इस साल 2 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। पिछले साल इसकी कीमत करीब 1600 रुपये प्रति किलो थी।
इन प्राकृतिक उत्पादों के भी बढ़े दाम
किन्नौर में दूसरे प्राकृतिक उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के अनुसार, इस साल इनके भाव इस प्रकार हैं-
फाफरा : 300 रुपये प्रति किलो
सूखे सेब : 400 रुपये प्रति किलो
अखरोट का तेल : 3 हजार रुपये प्रति लीटर
बेनी का तेल : 18 हजार रुपये प्रति लीटर
काला जीरा : 3500 रुपये प्रति किलो
ओगला : 150 रुपये प्रति किलो
पर्यावरण पर असर को भी बता रहे उत्पादन घटने की वजह
कारोबारी मालवर नेगी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली परियोजनाओं के तेजी से निर्माण से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, इसका असर जिले में सूखे मेवों के उत्पादन और गुणवत्ता पर भी पड़ा है। हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि उत्पादन घटने और कीमतें बढ़ने के बावजूद किन्नौर के सूखे मेवों की मांग बनी हुई है।
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