बीते खरीफ सीजन के दौरान कम बारिश ने महाराष्ट्र की कृषि-अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश की 358 में से 304 तहसीलें सूखे की जद में है। किसानों को बड़े पैमाने पर फसल नुकसान उठाना पड़ा है, जिस वजह से उनकी लोन चुकाने की क्षमता कमजोर हुई है। इस सब से बीच डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कर्ज वसूली के लिए दबाव और उत्पीडन का रास्ता अपनाने वालों को बड़ी चेतावनी दी है। सीएम के अनुसार, कर्ज वसूली के दबाव की वजह से अगर किसान ने आत्महत्या की, तो साहूकारों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और बैंकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस कृषि संकट के दौरान प्रदेश सरकार हर संभव मदद के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
किसानों को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने संकट में फंसे किसानों से अपील की कि वे हिम्मत न हारें और कोई भी आत्मघाती कदम न उठाएं। उन्होंने वित्तीय संस्थानों और रिकवरी एजेंटों को कर्ज वसूली के लिए जोर-जबरदस्ती करने के खिलाफ चेतावनी दी। शिंदे ने कहा, "माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और साहूकारों को संकट में फंसे किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और किसान की आत्महत्या की स्थिति में उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा।"
10 हजार का कर्ज लिया, 70 हजार चुकाने का दबाव
यह सख्त चेतावनी नांदेड़ में हुई उस घटना के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के अंदर एक किसान मृत पाया गया था। मृतक किसान के परिवार ने आरोप लगाया था कि उसने 10,000 रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन फाइनेंस कंपनी उस पर 70,000 रुपये चुकाने का दबाव बना रही थी।
किसानों की बेटियों की शादी का जिम्मा शिवसेना पर
उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी, शिवसेना, किसानों की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाएगी। सरकार के अनुसार, राज्य सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपये की तत्काल आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि यह 5,000 रुपये केवल फौरी सहायता है। बाकी का मुआवजा फसल-नुकसान के सर्वेक्षण (सर्वे) के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के किसानों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।
अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए नांदेड़ के वाडी बुद्रुक में 100 बिस्तरों वाले एक नए उप-जिला अस्पताल का उद्घाटन भी किया।