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Uttar Pradesh Rural Roads Damaged By Pipelines To Be Repaired Special Drive From October 1
उत्तर प्रदेश : पाइपलाइन से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत, 1 अक्टूबर से विशेष अभियान
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Mon, 28 Sep 2026 07:00 PM IST
सार
पेयजल पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए 1 अक्टूबर से विशेष अभियान चलेगा। ग्रामीण जल सारथी एप पर फोटो-वीडियो के साथ शिकायत दर्ज करा सकेंगे और 10 नवंबर के बाद लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी व अभियंता की जवाबदेही तय होगी।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एक अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में खराब सड़कों को तय मानकों के अनुसार ठीक कराया जाएगा। ग्रामीण भी सड़क की स्थिति की शिकायत जल सारथी ऐप के जरिए कर सकेंगे। ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर सड़क से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इससे सड़क मरम्मत के काम की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल होगा।
10 नवंबर के बाद शिकायत पर तय होगी जवाबदेही
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत के काम की नियमित निगरानी होनी चाहिए। 10 नवंबर के बाद सड़क की मरम्मत से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
जल सारथी एप पर फोटो-वीडियो से शिकायत
अभियान के तहत जल सारथी एप पर ग्रामीणों के लिए विशेष सुविधा दी गई है। सड़क खराब मिलने पर नागरिक मौके की फोटो और वीडियो लेकर एप पर अपलोड कर सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
लंबित पेयजल योजनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है। अधिकारियों को योजनाओं की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मंत्री ने पेयजल योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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