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Himachal Pradesh Farmers To Change Fertilizer Before Wheat Sowing Farmers Buy 16 16 16 Instead Of 12 32 16
हिमाचल प्रदेश : गेहूं की बिजाई से पहले खाद में बदलाव, कीमत भी बढ़ी, लागत को लेकर किसान चिंतित
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Mon, 28 Sep 2026 07:44 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के चंबा में गेहूं की बिजाई से पहले 12:32:16 एनपीके खाद उपलब्ध नहीं होगी। इसकी जगह 16:16:16 खाद मिलेगी, जिसकी एक बोरी के लिए किसानों को करीब 2,250 रुपये देने होंगे। यानी पहले के मुकाबले करीब 600 रुपये ज्यादा खर्च आएगा।
चंबा में गेहूं की बिजाई से पहले किसानों को खाद के मामले में बदलाव का सामना करना पड़ेगा। इस बार बाजार में एनपीके 12:32:16 खाद उपलब्ध नहीं होगी। इसके स्थान पर किसानों को एनपीके 16:16:16 खाद का विकल्प दिया जा रहा है। खाद बदलने के साथ इसकी कीमत भी बढ़ गई है, जिससे गेहूं की खेती की लागत बढ़ने की चिंता किसानों को सताने लगी है।
एक बैग पर 600 रुपये ज्यादा खर्च
12:32:16 खाद का एक बैग करीब 1,650 रुपये में मिलता था। अब 16:16:16 खाद के लिए किसानों को करीब 2,250 रुपये चुकाने होंगे। यानी एक बैग पर करीब 600 रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा। चंबा जिले में करीब 22 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बिजाई होती है। ऐसे में खाद की कीमत में हुआ यह अंतर बड़ी संख्या में किसानों की खेती की लागत को प्रभावित कर सकता है।
पहले ही बढ़ चुका है खेती का खर्च
किसानों संजीव कुमार, सोनू कुमार, अमर सिंह, चतरो राम, बदरो राम और केसो राम ने बताया कि खेती में पहले से ही खर्च बढ़ा हुआ है। बीज, खेत की जुताई, मजदूरी और कृषि दवाइयों पर किसानों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
अब खाद के लिए भी अतिरिक्त रकम देनी होगी। किसानों का कहना है कि इससे गेहूं की खेती की कुल लागत और बढ़ जाएगी। उन्होंने सरकार से गेहूं की बिजाई के समय पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
12:32:16 पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक
हिमफेड के इंचार्ज गगन कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 12:32:16 खाद पर रोक लगाई गई है। इसके चलते अब यह खाद उपलब्ध नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 16:16:16 खाद उपलब्ध है। इसके अलावा सरकारी गोदामों में दूसरी खाद भी मौजूद है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध खाद खरीद सकते हैं।
बिजाई के समय पर्याप्त खाद की मांग
गेहूं की बिजाई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की खाद की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में किसानों की मांग है कि उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खाद की कमी या कीमत बढ़ने के कारण गेहूं की बिजाई प्रभावित न हो।
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