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Karnataka Ai System Implemented Weather Turns Bad Ai Guide Farming Farmers Receive Advice Crop Replacement
मौसम बिगड़ा तो AI देगा खेती का रास्ता : किसानों को मिलेगी फसल बदलने की सलाह, इस राज्य में एआई सिस्टम होगा लागू
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Mon, 28 Sep 2026 07:12 PM IST
सार
कर्नाटक में AI के जरिए किसानों को मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत सलाह दी जा रही है। सरकार अब खेत में फसल बोने से लेकर उसके उपभोक्ता या निर्यात बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को AI से ट्रैक करने की तैयारी कर रही है।
कर्नाटक सरकार खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। इसके जरिए किसानों को मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत सलाह दी जा रही है। सरकार अब ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिससे फसल के खेत में बोने से लेकर उपभोक्ता या निर्यात बाजार तक पहुंचने की पूरी जानकारी ट्रैक की जा सके।
कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी राजनीश ने मनीकंट्रोल स्टार्टअप कॉन्क्लेव में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है, जहां राज्य AI का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम कर रहा है। सरकार ने अपने 100 दिन के कार्यक्रम के तहत एग्रीटेक मिशन भी शुरू किया है।
बारिश का अनुमान देखकर किसानों को मिल रही सलाह
सरकार AI प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को खासकर बारिश की अनिश्चितता के समय व्यक्तिगत सलाह दे रही है। ई-गवर्नेंस विभाग की AI सेल किसानों को कन्नड़ भाषा में आवाज और ऑडियो-विजुअल संदेश भेजती है। इन संदेशों में किसान की फसल के बारे में संभावित स्थिति और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक फसल लगाने की सलाह दी जाती है।
कम बारिश में फसल बदलने की मिली सलाह
शालिनी राजनीश ने उत्तर कर्नाटक का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ किसानों को AI आधारित सलाह के जरिए बताया गया कि आने वाले हफ्तों में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण उनकी मौजूदा फसल के बचने की संभावना कम है।
इसके बाद सरकार ने किसानों को मौसम के अनुकूल दूसरी फसल के बीज उपलब्ध कराए। बड़ी संख्या में किसानों ने सलाह मानकर दूसरी फसल लगाई। इनमें रागी भी शामिल थी, जिसकी फसल बाद में अच्छी तरह तैयार हुई।
खेत से बाजार तक ट्रैक होगी फसल
कर्नाटक सरकार अब AI का इस्तेमाल कृषि की पूरी वैल्यू चेन में बढ़ाना चाहती है। शालिनी राजनीश ने बताया कि Sampurna Grand Challenge के तहत कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े 27 स्टार्टअप के नवाचारों को हाल ही में चुना गया है। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर प्लेट तक फसल को ट्रैक करने वाली AI तकनीक तैयार है और इसे लागू किया जा सकता है। इस सिस्टम के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि फसल कहां उगाई गई, उसके बाद उसका प्रसंस्करण कहां हुआ और आखिर में वह उपभोक्ता या निर्यात बाजार तक कैसे पहुंची।
किसान के खेत से आगे की जानकारी भी मिलेगी
मुख्य सचिव ने कहा कि फिलहाल सरकार के पास किसान के खेत से निकलने के बाद कृषि उपज के साथ क्या होता है, इसकी सीमित जानकारी रहती है। इसलिए अब खेत से ग्राहक तक पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करने वाला सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इससे फसल की उत्पादन प्रक्रिया, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंचने की जानकारी एक ही सिस्टम में मिल सकेगी।
किसानों और स्टार्टअप को एक मंच पर लाने की तैयारी
सरकार कृषि क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप, तकनीकी विशेषज्ञों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), निर्यातकों और प्रोसेसर को एक साथ लाने पर भी काम कर रही है। इसके लिए होने वाले आगामी कृषि मेले (Krishi Mela) में इन सभी पक्षों को सीधे बातचीत का मौका दिया जाएगा।
बेंगलुरु से बाहर गांवों तक पहुंचेगा AI
शालिनी राजनीश के मुताबिक, सरकार तकनीक के जरिए किसानों की आजीविका में बदलाव लाने और बेंगलुरु से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी AI इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दे रही है। कृषि के अलावा सरकार शिकायतों के निपटारे और कर्मचारियों की उपस्थिति जैसे कामों में भी AI का इस्तेमाल कर रही है। सरकार का व्यापक उद्देश्य तकनीक के जरिए कामकाज की उत्पादकता बढ़ाना और सरकारी सेवाओं को ज्यादा तेज और प्रभावी बनाना है।
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