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Home› Khabar Junction› Paddy Procurement In Bihar From November 1 Government Seeking Target Of 5 Million Tonnes From Centre

बिहार में 1 नवंबर से धान खरीद : केंद्र से 35 की जगह 50 लाख टन का लक्ष्य मांग रही सरकार

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 28 Sep 2026 07:34 PM IST
सार

बिहार में 1 नवंबर 2026 से धान खरीद शुरू होगी और 31 मार्च 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार ने किसानों से खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग केंद्र से की है।

धान खरीद
धान खरीद - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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बिहार में किसानों से धान खरीद की प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी। यह खरीद 31 मार्च 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग की है। राज्य सरकार का कहना है कि मौजूदा लक्ष्य बिहार की खाद्यान्न जरूरत के मुकाबले कम है। इस संबंध में बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र भेजकर खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है।

बिहार को हर साल 48.87 लाख टन धान की जरूरत
राज्य सरकार के मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए बिहार में हर साल करीब 33.16 लाख टन चावल की जरूरत होती है। इतनी मात्रा में चावल तैयार करने के लिए करीब 48.87 लाख टन धान की जरूरत पड़ती है। सरकार का तर्क है कि इसके मुकाबले केंद्र की ओर से तय 35 लाख टन का खरीद लक्ष्य पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से बिहार सरकार ने केंद्र से लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर धान खरीद से होगा फायदा
बिहार सरकार का कहना है कि राज्य अब अपनी खाद्यान्न जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर पर्याप्त धान खरीदने में सक्षम है। अगर केंद्र से 50 लाख टन खरीद की मंजूरी मिलती है, तो राज्य अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर पूरा कर सकेगा। इससे दूसरे राज्यों से चावल मंगाने की जरूरत कम होगी। सरकार के मुताबिक, इससे परिवहन खर्च में बचत होगी और राज्य की खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था भी मजबूत होगी।

1 नवंबर से 31 मार्च तक होगी खरीद
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के तहत बिहार में किसानों से धान खरीद 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव पर अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है। अगर 50 लाख टन का लक्ष्य मंजूर होता है, तो यह बिहार की अनुमानित धान जरूरत के करीब होगा। राज्य सरकार का कहना है कि बढ़ा हुआ खरीद लक्ष्य किसानों से अधिक मात्रा में धान खरीदने के साथ-साथ राज्य की खाद्यान्न जरूरत पूरी करने में भी मदद करेगा।
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