फसल तैयार करने के बाद किसानों को उसकी बेहतर कीमत दिलाने के लिए खेती के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल बिक्री पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को बाजार की इन नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। एक्सपो मार्ट में आयोजित पश्चिम मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र के किसान मेले में मेरठ मंडल समेत पश्चिमी यूपी के सात जिलों के प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया।
कृषि सूचना तंत्र को मजबूत और कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित इस मेले में जानकारों ने किसान उत्पादक संगठन को किसानों की सामूहिक शक्ति के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। किसानों को बताया गया कि समूह बनाकर उत्पादन लागत कम करने, उपज की बेहतर कीमत हासिल करने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के प्रयास किए जा सकते हैं।
सामूहिक खरीद से लागत घटाने पर जोर
किसान मेले का शुभारंभ संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) एवं FPO के नोडल अधिकारी संतोष राय और संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल स्मिता वर्मा ने किया। दोनों अधिकारियों ने कृषि गोष्ठी के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के प्रगतिशील एवं उपलब्धि हासिल करने वाले किसान शामिल हुए। परियोजना निदेशक (तकनीकी) नीरज सुव्रत ने FPO के जरिए किसानों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं की जानकारी दी।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, किसान समूह बनाकर अपनी उपज को एकत्र करने के साथ उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। इससे उत्पादों को बड़े खरीदारों और बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता आसान हो सकता है। किसानों को FPO के माध्यम से बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद के फायदे भी बताए गए। मेले में थोक खरीद के जरिए लागत कम करने और सामूहिक बिक्री के जरिए बाजार में सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। FPO के कारोबार से होने वाले लाभ में संगठन के विकास के लिए हिस्सा रखने और सदस्यों को लाभांश देने की व्यवस्था की भी जानकारी किसानों को दी गई।
ऑनलाइन स्टोरफ्रंट के जरिए बिक्री की जानकारी
किसान मेले में डिजिटल कारोबार के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई। ONDC के उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी ने बताया कि FPO ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन स्टोरफ्रंट पर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने डिजिटल भुगतान, प्रचार और आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाओं के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। इसके जरिए किसान समूह अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के प्रयास कर सकते हैं।
सिद्धार्थ गौतम ने किसानों को उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए। उन्होंने बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद तथा उपज की सामूहिक बिक्री को किसानों की बाजार क्षमता मजबूत करने से जुड़ा बताया।
जिलों में कृषि योजनाओं की भी दी जानकारी
उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर विवेक दुबे ने जिले में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कृषक हित में कराए गए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों का आभार जताया। उन्होंने किसानों से कृषि की तकनीकी जानकारी के साथ बाजार की नई व्यवस्थाओं को समझने और अपनाने पर जोर दिया। किसान मेले में खेती के साथ उपज के कारोबार, बाजार, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रदेश की कृषि नीति में किसानों को उत्पादन के साथ बाजार, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। किसान मेले में FPO को इस प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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