विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Uk Announces Over 1 Billion In New Deals With India Focus On Food And Agriculture Exports

INDIA-UK FTA: भारत के साथ ब्रिटेन के 1 अरब पाउंड के नए कारोबारी समझौते, खेती और खाद्य कारोबार पर भी नजर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 12 Oct 2026 02:55 PM IST
सार

भारत पहुंचे ब्रिटेन के 100 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों के दौरे के दौरान 1 अरब पाउंड से ज्यादा के नए कारोबारी समझौतों की घोषणा हुई है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने पर भी जोर है। समझौते से दोनों देशों के व्यापार में लंबी अवधि में सालाना 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान है। जानिए, विस्तार से...
 

ब्रिटेन के 100 से ज्यादा कंपनियों और कृषि-खाद्य समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं।
ब्रिटेन के 100 से ज्यादा कंपनियों और कृषि-खाद्य समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं। - फोटो : Ai (सांकेतिक तस्वीर)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन का एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है। ब्रिटेन सरकार ने दौरे के साथ 1 अरब पाउंड से अधिक के नए कारोबारी समझौतों की घोषणा की है। प्रतिनिधिमंडल में 100 से ज्यादा कंपनियों के साथ ब्रिटेन के व्यापार, कृषि-खाद्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।

यह दौरा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से मिलने वाले लाभों को कारोबार में बदलने के मकसद से किया जा रहा है। ब्रिटेन सरकार के मुताबिक, जुलाई 2025 में समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से करीब 12 अरब पाउंड के कारोबारी समझौतों की घोषणा हो चुकी है।

खाद्य उत्पादों और कृषि कारोबार पर नजर
इस व्यापारिक मिशन में कृषि, बागवानी, मांस प्रसंस्करण और खाद्य व पेय पदार्थों से जुड़ी संस्थाएं भी शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर एंड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट बोर्ड, ब्रिटिश मीट प्रोसेसर्स एसोसिएशन, नेशनल फार्मर्स यूनियन और सैल्मन स्कॉटलैंड जैसे संगठन शामिल हैं।

ब्रिटेन के प्रतिनिधि भारत में अपने खाद्य उत्पादों के लिए बाजार तलाशने और नए कारोबारी संबंध बनाने की कोशिश करेंगे। स्कॉटलैंड के सचिव डगलस अलेक्जेंडर ने कहा कि व्यापार समझौते से ब्रिटेन के सैल्मन और व्हिस्की जैसे उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।

ब्रिटेन की पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों की मंत्री एंजेला ईगल ने कहा कि सरकार ब्रिटिश किसानों और खाद्य कंपनियों के लिए भारत में निर्यात के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। हालांकि, इन कारोबारी अवसरों का भारतीय किसानों और खाद्य उत्पादकों पर क्या असर पड़ेगा, यह आयात-निर्यात की शर्तों और बाजार में प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा।

एआई और विमानन क्षेत्र में बड़े निवेश
दौरे के दौरान घोषित प्रमुख कारोबारी पहलों में मेटा फॉर डेटा टेक्नोलॉजीज की ओर से ब्रिटेन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अनुसंधान के लिए 5 करोड़ पाउंड का निवेश शामिल है। वहीं, विमानन सेवा कंपनी मेन्जीज एविएशन भारत में अपना कारोबार बढ़ाकर 60 करोड़ पाउंड से अधिक का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।

इसके अलावा, लंदन की एआई स्टार्टअप कंपनी असिका ने हैदराबाद के कई अस्पताल समूहों के साथ साझेदारी की है। ऑर्गेनिकको ने भारत में करीब 20 लाख पाउंड के संभावित निर्यात अवसर विकसित किए हैं। इंजीनियरिंग और डिजाइन कंपनी अरुप को मुंबई मेट्रो से जुड़ा 14 लाख पाउंड का डिजाइन समीक्षा अनुबंध भी मिला है।

व्यापार और विज्ञान पर भी बातचीत
ब्रिटेन के व्यापार सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगे। दोनों देशों के बीच संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति की बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। इसके अलावा, वह केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ भारत-ब्रिटेन विज्ञान एवं नवाचार परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे।

मुंबई में रेनॉल्ड्स महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

ब्रिटेन सरकार के अनुमान के मुताबिक, भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से लंबे समय में दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार में 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी हो सकती है। अब दोनों देशों के सामने इस समझौते को निवेश, निर्यात, रोजगार और किसानों सहित कारोबार से जुड़े लोगों के लिए वास्तविक अवसरों में बदलने की चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन