सीएम योगी ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाढ़, बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित 9 लाख से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी है। सीएम ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्व आधार पर किसानों के नुकसान का आकलन किया गया है। सर्वे की रिपोर्ट मिलते ही पैसा डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के खाते में भेज दिया गया।
एक हजार करोड़ रुपये की मदद, बिचौलियों की भूमिका नहीं
सीएम के मुताबिक, अब सहायता राशि में कोई बिचौलिया नहीं है; अगर किसी किसान का 25 हजार रुपये का मुआवजा पास हुआ है, तो उसके खाते में पूरी रकम पहुंच रही है। अधिकारियो के अनुसार, इस साल मानसून के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और आम लोगों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है ।
15 अक्तूबर से जलभराव वाले जिलों में शुरू होगी धान खरीद
सीएम ने बताया कि भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति वाले जिलों में 15 अक्तूबर से धान संग ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाज की खरीद के लिए केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि सरकार ने खरीद की कोई सीमा तय नहीं की है। किसान जितना भी धान लाएंगे, सरकारी केंद्रों पर उसे खरीदा जाएगा और उसका पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा।
मौसम के कारण होने वाले नुकसान के लिए सरकार के कदम
सीएम योगी ने सरकार से मिलने वाली अलग-अलगर प्रकार की सहायता पहलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मौसम के कारण मकान पूरी तरह टूटने या बाढ़ आदि में बहने पर सीएम आवास योजना के तहत नया घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद दी जा रही है। वहीं, आंशिक रूप से टूटे मकानों को भी नियम के अनुसार मुआवजा मिलेगा।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा में जनहानि होने पर 24 घंटे के अंदर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता जारी करने के निर्देश दिए गए हैं । वहीं, खेत में काम करते समय किसान या बटाईदार की आकाशीय बिजली गिरने से मौत होती है, तो 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना' के तहत परिवार को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने बिजली गिरने की जानकारी पहले से देने के लिए 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' भी लगाया है, जिससे मोबाइल पर अलर्ट आ जाता है।
इसके साथ ही, सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जहां बाढ़ से कटान हुई है और सड़कें टूट गई हैं, वहां मौसम साफ होते ही तत्काल मरम्मत का काम शुरू किया जाए। इसके लिए पर्याप्त धन जारी कर दिया गया है ।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आपदा का पैसा बीच में ही गायब हो जाता था और किसानों को सिर्फ 2, 4 या 15 रुपये का मुआवजा मिलता था। उन्होंने दावा किया कि पहले गांव में बिजली नहीं आती थी, सिर्फ बिल आता था, लेकिन अब किसानों को बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने 2014 के हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तब केंद्र से 3,200 करोड़ रुपये आए थे, लेकिन पिछली सरकार में किसानों तक सिर्फ 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए थे।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद थे। कृषि मंत्री के अनुसार, योगी सरकार ने 2017 से अब तक किसानों के हित में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने आते ही 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017-18 से अब तक किसानों को 6,125 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।