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Rain And Strong Winds Damage Paddy And Other Crops In Punjab S Hoshiarpur
पंजाब : बारिश और ओलों से धान, आलू व सब्जियों की फसल को नुकसान, किसान मांग रहे ₹50000 प्रति एकड़ मुआवजा
गांव जंक्शन डेस्क, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: Umashankar Mishra
Updated Mon, 12 Oct 2026 03:14 PM IST
सार
पंजाब के होशियारपुर में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से धान, आलू, गन्ना, सब्जियों और चारे की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मंडियों में रखा धान भी भीगने से प्रभावित हुआ है। किसान नेताओं ने 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है।
किसान नेताओं के मुताबिक, 11 अक्टूबर को हुई बारिश और तेज हवाओं से कई इलाकों में धान की फसल खेतों में बिछ गई।
- फोटो : सोशल मीडिया (सांकेतिक तस्वीर)
पंजाब के होशियारपुर जिले में बारिश, तेज हवाओं और कुछ दिन पहले हुई ओलावृष्टि से धान समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई, जबकि आलू, गन्ना, सब्जियों और चारे की फसलों पर भी असर पड़ा है।
किसानों ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। राजस्व विभाग फसल नुकसान का आकलन करेगा।
धान की फसल गिरी, आलू के खेतों में भरा पानी
किसान नेताओं के मुताबिक, 11 अक्टूबर को हुई बारिश और तेज हवाओं से कई इलाकों में धान की फसल खेतों में बिछ गई। इससे कटाई में परेशानी और पैदावार घटने का खतरा है। बोडल, बेरछा, गढ़दीवाला, लालोवाल और हुसैनपुर समेत कई इलाकों में ओलावृष्टि से भी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
दोआबा किसान कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने दावा किया कि कुछ ओलावृष्टि प्रभावित खेतों में धान की करीब 40 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा देने की मांग की। बारिश से गन्ना, चारा और सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कुछ इलाकों में खेतों में पानी भरने से आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है और कई खेतों में अब भी पानी जमा है।
मंडियों में रखा धान भी भीगा
खराब मौसम का असर मंडियों में खरीद के लिए पहुंचे धान पर भी पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह राय के अनुसार, कुछ मंडियों में खुले में रखे धान के ढेर और बोरियां बारिश से भीग गईं। तिरपाल से ढकने के बावजूद कुछ जगहों पर धान को नुकसान पहुंचा।
बारिश से भीगे धान का रंग बदलने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। किसान नेताओं ने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल के साथ मंडियों में बारिश से खराब हुए धान के लिए भी मुआवजा मांगा है। उनकी मांग है कि प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएं।
प्रशासन ने शुरू की नुकसान के आकलन की तैयारी
होशियारपुर के मुख्य कृषि अधिकारी दीपिंदर सिंह संधू ने बताया कि खेतों में गिर चुकी धान की फसल की पैदावार घट सकती है और कटाई में भी दिक्कत आएगी। बारिश के बाद मिट्टी से बाहर निकले आलू भी प्रभावित हो सकते हैं। राजस्व विभाग नुकसान का आकलन करेगा।
जिलाधिकारी आशिका जैन ने बताया कि मंडियों में धान को बारिश से बचाने के लिए अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को मंडियों में मौजूद रहकर व्यवस्था देखने को कहा गया है।
खुले में रखे धान को तिरपाल से ढकने और मंडियों में जमा पानी की जल्द निकासी के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि फसल को और नुकसान न हो और खरीद जारी रह सके।
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