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Home› Khabar Junction› Tensions In West Asia Boost Indian Basmati Rice Prices Pushing Rice Prices Up To Rs 5 500 In The Markets

Basmati Rice: पश्चिम एशिया में तनाव से चमकी भारतीय बासमती, मंडियों में 5500 रुपये तक पहुंचे धान के दाम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 02 Nov 2026 09:59 AM IST
सार

पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बासमती धान का भाव 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। खाड़ी देशों में बढ़ती मांग से किसानों को पिछले साल से 1,500 रुपये तक ज्यादा दाम मिल रहे हैं।

बासमती धान
बासमती धान - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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धान की खेती का रकबा घटने और मौसम की मार से फसल को हुए नुकसान के बीच बासमती किसानों के लिए अच्छी खबर है। पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बासमती धान के दाम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं। लोकप्रिय किस्म पूसा 1121 का भाव कुछ मंडियों में 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। पिछले साल इसी समय बासमती धान के दाम 3,500 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थे। यानी किसानों को इस बार प्रति क्विंटल करीब 1,000 से 1,500 रुपये ज्यादा मिल रहे हैं।

बासमती के दाम बढ़ने की बड़ी वजह पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों से बढ़ती मांग है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में कई देश चावल का भंडार बढ़ा रहे हैं। इसका फायदा भारतीय बासमती चावल और धान की कीमतों को मिल रहा है।

खाड़ी देशों से बढ़ी मांग, बासमती के दाम को मिला सहारा
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (AIREA) के अध्यक्ष सतीश गोयल ने रूरल वॉयस को बताया कि बासमती धान के दाम 5,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत मांग के कारण निर्यातकों को बेहतर कीमत मिल रही है। इसका फायदा किसानों को भी मिल रहा है।

हालांकि, निर्यातकों के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। समुद्री माल ढुलाई का खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा प्रमुख समुद्री रास्तों पर बाधा और अनिश्चितता के कारण चावल का निर्यात प्रभावित होने की आशंका है।

बेहतर भाव की उम्मीद में धान रोक रहे किसान
हरियाणा के अंबाला जिले के किसान और भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के नेता तेजवीर सिंह के मुताबिक, किसानों को इस साल बासमती के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद पहले से थी। अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए कई किसान अपनी उपज तुरंत बेचने के बजाय रोककर रख रहे हैं, ताकि आगे और अच्छा भाव मिल सके। उन्होंने बताया कि धान की कटाई का सीजन अभी शुरू ही हुआ है। किसानों को उम्मीद है कि दिसंबर तक बासमती के दाम और बढ़ सकते हैं।

बासमती चावल के दाम भी बढ़े
धान के भाव बढ़ने का असर बाजार में तैयार बासमती चावल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली में 1121 बासमती चावल का भाव 10,600 से 10,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं, हरियाणा के करनाल में इसकी कीमत करीब 9,525 से 9,725 रुपये प्रति क्विंटल है। निर्यात मांग बढ़ने से मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों पर 1121 बासमती चावल का निर्यात भाव भी एक सप्ताह में करीब 6 फीसदी बढ़कर 1,156 डॉलर प्रति टन हो गया है।

भारत ने 6.5 मिलियन टन से ज्यादा बासमती चावल का निर्यात किया
भारत दुनिया के प्रमुख बासमती चावल निर्यातक देशों में शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 65.21 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया। इससे देश को 5.67 अरब डॉलर यानी करीब 50,138 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारतीय बासमती चावल के बड़े खरीदारों में शामिल हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता के कारण इन देशों में चावल का भंडार बढ़ाने की मांग मजबूत हुई है। इससे भारतीय बासमती के अंतरराष्ट्रीय दाम को सहारा मिला है।

किसानों को फायदा, लेकिन निर्यातकों की बढ़ी चिंता
बासमती धान के बढ़े दाम से किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद है। लेकिन निर्यातकों की चिंता है कि अगर घरेलू बाजार में धान की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय बासमती महंगा हो सकता है। इससे पाकिस्तान और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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