कर्नाटक के गन्ना किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र और राज्य सरकार ने सोमवार तक उनकी मांगे नहीं मानी, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू कर देंगे। बता दें कि किसानों की दो प्रमुख मांगे हैं, जिनमें चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य, केंद्र के उचित और लाभकारी मूल्य और प्रदेश सरकार के राज्य परामर्श मूल्य में बढ़ोतरी शामिल है।
सोमवार को बेलगावी में होगी अहम बैठक
कर्नाटक राज्य रैयत संघ और हसीरू सेने के अध्यक्ष चुनप्पा पुजेरी ने बुधवार को बेलगावी में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से बात हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि सोमवार को बेलगावी के सुवर्ण सौध में एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, सरकारी अधिकारी, चीनी मिलों के मालिक और किसान आमंत्रित होंगे। किसानों ने फैसला किया है कि वे इस बैठक में हिस्सा लेंगे।
पेराई सत्र से पहले नई कीमतों की घोषणा की मांग
किसान नेता पुजेरी के अनुसार, किसान बैठक में यह कड़ाई से मांग रखेंगे कि गन्ने का पेराई सत्र (Crushing season) शुरू होने से पहले ही केंद्र और राज्य सरकारें संशोधित एमएसपी, एफआरपी और एसएपी का ऐलान करें। किसानों का कहना है कि सरकार को सोमवार को ही बेलगावी में इस संबंध में एक ठोस घोषणा करनी चाहिए।
पैनल की रिपोर्ट का लंबा इंतजार नहीं करेंगे किसान
किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर ज्यादा इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। किसान नेता ने बताया कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के अनुरोध पर किसानों ने अपना आंदोलन अस्थायी रूप से रोक दिया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि एक केंद्रीय पैनल स्थिति का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सौंपेगा, जिसके लिए उन्होंने समय मांगा था।
हालांकि, किसानों ने नेताओं को साफ बता दिया है कि वे इतना लंबा इंतजार नहीं कर सकते हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें सोमवार को ही केंद्र और राज्य से कुछ ठोस घोषणाएं चाहिए। यदि सोमवार को बैठक में कोई स्पष्ट फैसला नहीं होता है, तो मंगलवार से किसान फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे।