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Home› Khabar Junction› Bihar Government Will Give 40 Subsidy On Cultivation Of Spice Crops Farmers Will Get 20 000 Per Hectare

Bihar: मसाला फसलों की खेती पर 40% सब्सिडी देगी सरकार, किसानों को प्रति हेक्टेयर मिलेंगे ₹20,000, जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, सहरसा Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 22 Oct 2026 07:42 PM IST
सार

  • बिहार के सहरसा जिले में धनिया, मेथी और सौंफ की खेती करने वाले किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
  • एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मसाला फसलों की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये का अनुदान तय किया गया है।
  • किसानों को पहली किस्त में 12,000 रुपये और दूसरी किस्त में 8,000 रुपये मिलेंगे। दूसरी किस्त से पहले खेत का भौतिक सत्यापन होगा।

मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगी 40 प्रतिशत सब्सिडी।
मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगी 40 प्रतिशत सब्सिडी। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिले में धनिया, मेथी और सौंफ की खेती करने वाले किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

दो किस्तों में होगा भुगतान, खेत का सत्यापन भी होगा
योजना के तहत मसाला फसलों की खेती की लागत 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इस पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये का अनुदान मिलेगा। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में दो किस्तों में होगा। पहली किस्म में बीज और दूसरे इनपुट खरीदने के लिए प्रति हेक्टेयर 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, दूसरी किस्म के तहत 8 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर बैंक खाते में आएंगे। हालांकि दूसरी किस्म जारी होने से पहले खेत का भौतिक सत्यापन होगा।

इस योजना के तहत गुणवत्ता वाले बीज राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (पटना) और बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड (पटना) के माध्यम से मिलेंगे।

किसानों को करना होगा ऑनलाइन आवेदन, ये दस्तावेज रखें तैयार
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दस्तावेजों में भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र, दो साल पूर्व की अद्यतन राजस्व रसीद, ऑनलाइन अद्यतन रसीद, वंशावली या तय प्रारूप में एकरारनामा में से कोई एक देना अनिवार्य है। यदि प्रमाणपत्र या रसीद में नाम स्पष्ट नहीं है, तो वंशावली लगानी होगी। बटाईदार किसान भी एकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, अनुदान का भुगतान डीबीटी कार्यक्रम के तहत सीएफएमएस के माध्यम से होगा, इसलिए किसान आवेदन से पहले अपने डीबीटी पंजीकृत बैंक खाते के विवरण की जांच जरूर कर लें।


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