क्या व्यावसायिक नजरिए से चीनी आयात फायदे का सौदा?
बलानी के अनुसार, चीनी का आयात करना व्यावसायिक रूप से सही होगा या नहीं, यह वैश्विक बाजार की कीमतों पर निर्भर करेगा। वर्तमान में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर से कम हैं, जिसके कारण फिलहाल आयात करना ज्यादा आकर्षक नहीं लग रहा है। हालांकि, ब्राजील से चीनी लेकर कुछ जहाज भारत पहुंच चुके हैं और उद्योग जगत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुकूल होने का इंतजार कर रहा है। बलानी ने स्पष्ट किया, "हमें देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता के लिए मुख्य रूप से इस 10 लाख टन का आयात करना होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निर्यात की कोई संभावना नहीं है।"
इथेनॉल में गन्ने का उपयोग सीमित हो सकता है
हाल ही में खबर सामने आई थी कि सरकार आगामी पेराई सीजन के दौरान इथेनॉल (Ethanol) उत्पादन में गन्ने के इस्तेमाल को सीमित कर सकती है। बलानी के अनुसार, इथेनॉल बनाने में गन्ने का उपयोग मुख्य रूप से सी-हैवी शीरे पर रह सकता है। उन्होंने साफ किया कि इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस या बी-हैवी शीरे का उपयोग नहीं किया जाएगा। गन्ने की अगली फसल को लेकर अनिश्चितता के कारण यह रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि एथेनॉल का उत्पादन भी हो सके और चीनी के कुल उत्पादन पर ज्यादा असर न पड़े।
त्योहारी सीजन के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक
इस्मा ने अक्तूबर में चीनी का मासिक रिलीज कोटा लगभग 23 से 25 लाख टन के बीच रहने की संभावना जताई है। इस्मा के अनुसार, घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें अब सामान्य स्तर के करीब आ गई हैं और त्योहारी सीजन के दौरान कीमतों में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका नहीं है। इस्मा के अनुसार, त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए देश के पास चीनी का मौजूदा स्टॉक पूरी तरह से पर्याप्त है।