महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सीजन जारी है। दूसरी तरफ किसान संगठन गन्ने के FRP में बढ़ोतरी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 28 अक्तूबर तक प्रदेश की 106 चीनी मिलों ने मिलकर 48.65 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। प्रदेश में अब तक गन्ना पेराई 64.91 लाख टन पहुंच गई है। चीनी निकासी की बात करें, यह औसत दर 7.49 प्रतिशत दर्ज की गई है। इन 106 मिलों में 51 सहकारी और 55 निजी मिलें शामिल है। गौर करने वाली बात यह है कि बीते पेराई सीजन में 28 अक्तूबर तक मात्र दो निजी मिलों में ही पेराई का काम शुरू हुआ था।
सोलापुर में सबसे ज्यादा मिलें चालू, पुणे उत्पादन में अव्वल
मिलों के संचालन के मामले में सोलापुर संभाग सबसे आगे है, यहां 10 सहकारी और 16 निजी मिलों समेत कुल 26 मिलें पेराई के काम में लगी हुई हैं। सोलापुर में चीनी की रिकवरी दर 7.49 प्रतिशत के औसत के मुकाबले थोड़ी कम (7.14 प्रतिशत) है। यहां 13.34 लाख टन गन्ने की पेराई कर 9.52 लाख क्विंटल चीनी तैयार की गई है। वहीं, चीनी के कुल उत्पादन में पुणे संभाग पहले पायदान पर है। पुणे की 15 मिलों ने 16.4 लाख टन गन्ने की पेराई कर 13.59 लाख क्विंटल चीनी बनाई है, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। यहां औसत चीनी रिकवरी 8.29 प्रतिशत रही है।
नांदेड़, अहिल्यानगर और संभाजीनगर की स्थिति
नांदेड़ संभाग में 22 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, जहां 7.88 लाख टन गन्ने से 5.05 लाख क्विंटल चीनी बनी है और रिकवरी 6.41 प्रतिशत रही है। अहिल्यानगर संभाग में 20 मिलें चालू हैं, जिन्होंने 12.57 लाख टन गन्ने की पेराई कर 9.46 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर संभाग में 13 मिलें काम कर रही हैं, जहां 8.23 लाख टन गन्ने की पेराई के साथ 5.52 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। अमरावती में फिलहाल सिर्फ एक निजी मिल चल रही है, जबकि नागपुर संभाग में अभी तक किसी भी मिल ने पेराई शुरू नहीं की है।
कोल्हापुर में किसान आंदोलन से पेराई प्रभावित
कोल्हापुर संभाग में गन्ने की रिकवरी दर पूरे राज्य में सबसे अधिक 8.69 प्रतिशत दर्ज की गई है, लेकिन किसान संगठनों के आंदोलन के चलते यहां पेराई का काम काफी सुस्त है। इस संभाग में अब तक केवल नौ मिलों में ही काम शुरू हो पाया है, जबकि बाकी मिलें गन्ने के भाव का मसला सुलझने के इंतजार में बंद पड़ी हैं। कोल्हापुर में अब तक 5.72 लाख टन गन्ने की पेराई कर 4.97 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है।
5,000 रुपये प्रति टन भाव की मांग पर अड़े राजू शेट्टी
स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने गन्ने की कीमत 5,000 रुपये प्रति टन घोषित करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहा यह विरोध प्रदर्शन अब कोल्हापुर से निकलकर आसपास के सीमावर्ती इलाकों में भी फैल चुका है। संगठन ने साफ कर दिया है कि जब तक किसानों को पांच हजारर रुपये प्रति टन का भाव नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।