क्या आपने कभी खेत में उगने वाले आलू से फैक्ट्री में फ्रेंच फ्राइज बनते देखा है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें प्रोसेसिंग यूनिट के अंदर फ्राइज तैयार होते हुए दिखाई दे रही हैं। इन तस्वीरों के साथ प्रधानमंत्री ने लिखा है कि खेत से फैक्ट्री और फिर दुनिया तक, भारत में बना और दुनिया को परोसा गया।
आलू आधारित उत्पादों से प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को रफ्तार
देश और गुजरात के किसानों के लिए 30 और 31 अक्तूबर का दिन काफी खास होने वाला है। आज प्रधानमंत्री मोदी पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी करने वाले है। इसके अलावा पीएम बनासकांठा के सानादर में बने आलू प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। यह यूनिट इलाके के आलू किसानों को नया बाजार देगी। इसके अलावा प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार होने वाले आलू आधारित उत्पाद देश के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को मजबूती देने में योगदान देंगे।
देसी गायों के नस्ल सुधार को मिलेगी रफ्तार
पीएम मोदी बनासकांटा जिले के भिलडी में 325 करोड़ रुपये की लागत से बने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र देसी गायों के नस्ल सुधार को रफ्तार देने का काम करेगा। इस केंद्र में सालाना 25 हजार बेहतरीन गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूण की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को ज्यादा उत्पादन देने वाली नस्लें तैयार करने में बड़ी मदद मिलती है। खास बात यह है कि इस केंद्र में ओवम पिक-अप और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (OPU-IVF) जैसी आधुनिक प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
बायोगैस कारखानों का होगा शिलान्यास
भीलड़ी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बनास डेयरी द्वारा थराद और राधनपुर में स्थापित किए जा रहे दो कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों का शिलान्यास भी करेंगे। थराद संयंत्र में प्रतिदिन 75 टन और राधनपुर संयंत्र में प्रतिदिन 100 टन गोबर का प्रसंस्करण किया जाएगा। इन दो नए संयंत्रों के जुड़ने से 'बनास मॉडल' के तहत बायो-सीएनजी संयंत्रों की कुल संख्या छह हो जाएगी, जिनकी कुल गोबर प्रसंस्करण क्षमता 515 टन प्रतिदिन होगी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री बनास डेयरी के अल्ट्रा-हाई-टेंपरेचर सुविधा के स्वचालित भंडारण और पुनर्प्राप्ति प्रणाली का भी लोकार्पण करेंगे।
इस अवसर पर पूरे गुजरात में 34 जिला-स्तरीय और 2,100 से अधिक क्लस्टर-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। इन कार्यक्रमों में कृषि और बागवानी विभागों की विभिन्न योजनाओं के स्वीकृति पत्र भी किसानों को बांटे जाएंगे। बनासकांठा के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को नर्मदा जिले के एकता नगर जाएंगे। वहां वे सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे।