भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर से उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश, तेज आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
मैदानी और पहाड़ी राज्यों में बारिश की स्थिति
IMD के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में 31 अक्टूबर को, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा, पश्चिमी राजस्थान में 30 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक हल्की बारिश हो सकती है।
तेज हवाओं, आंधी और भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश और उत्तराखंड में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसी दिन हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है, जो 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक भी पहुंच सकती है। इसके साथ ही उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
खेती और पशुपालन के लिए जरूरी सलाह
Iहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि के खतरे को देखते हुए किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों के खेतों में जाल (हेल नेट) लगाने की सलाह दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने या तुरंत प्लास्टिक से ढकने को कहा गया है। सरकार के अनुसार, चना, मसूर, सरसों, गेहूं, आलू और सर्दियों की सब्जियों की बुवाई कुछ समय के लिए टाल देना ही बेहतर होगा। इसके अलावा, पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान अपने पशुओं को सुरक्षित शेड के अंदर ही रखें और उनके चारे को भी पानी से बचाकर सुरक्षित जगह पर रखें।