झारखंड सरकार ने अर्नब तूफान की वजह से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे करने का आदेश दिया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार को सभी जिलों के उपायुक्तों पत्र लिखकर खेतों में जाकर तुरंत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि नियमों के अनुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
हर गांव में जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगी टीमें
मंत्री इरफान अंसारी ने उपायुक्तों से कहा है कि वे प्रभावित जिलों के प्रत्येक गांव में प्रशासनिक टीमों को भेजें और खेतों का मौके पर जाकर मुआयना कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि नुकसान झेलने वाले सभी किसानों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाए, ताकि तय सरकारी दिशा-निर्देशों के आधार पर उन्हें बिना किसी देरी के राहत और मुआवजा दिया जा सके।
किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई का भरोसा
एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि किसान साल भर खून-पसीना बहाकर अपनी फसल तैयार करते हैं। यदि किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से उनकी धान की फसल बर्बाद हो जाती है, तो यह सीधे तौर पर उनकी आजीविका और आर्थिक स्थिरता पर गहरी चोट पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की इस गंभीर परेशानी से पूरी तरह वाकिफ है और उनके हर संकट का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
मंगलवार से हो रही बारिश से खेतों में तबाही
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के असर से झारखंड के कई हिस्सों में मंगलवार शाम से ही हल्की से मध्यम बारिश और रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इस चक्रवाती बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई किसानों ने बड़े पैमाने पर पैदावार खराब होने की शिकायत दर्ज कराई है।
छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को भी झारखंड में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है, जिसके तहत कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिले के लिए शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।