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Home› Khabar Junction› Stubble Burning Smoke In Punjab 440 New Cases In 24 Hours Tally Reaches 2 787 Tarn Taran Worst Affected

पंजाब में पराली का धुआं : 24 घंटे में 440 नए मामले, आंकड़ा 2,787 पहुंचा; तरनतारन सबसे ज्यादा प्रभावित

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 06 Nov 2026 09:07 AM IST
सार

  • पंजाब में पराली जलाने के कुल मामले बढ़कर 2,787 हुए।
  • पिछले 24 घंटे में खेतों में आग लगाने की 440 नई घटनाएं दर्ज।
  • मालवा क्षेत्र के संगरूर, बठिंडा और पटियाला में सबसे ज्यादा नए मामले।
  • तरनतारन 586 घटनाओं के साथ राज्य का सबसे प्रभावित जिला।
  • पिछले साल के मुकाबले इस सीजन में अब तक सिर्फ 146 मामले कम।

पराली जलाने के मामलों में तेजी
पराली जलाने के मामलों में तेजी - फोटो : Ai
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विस्तार
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पंजाब में धान की कटाई 87 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है और इसके साथ ही राज्य के मालवा क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं में भी तेजी आ गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ताजा निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक राज्य में पराली जलाने के कुल मामले 2,787 हो गए हैं। यह आंकड़े 15 सितंबर से गिने जा रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में ही राज्य भर से 440 नए मामले सामने आए हैं।

मालवा बेल्ट में सबसे ज्यादा मामले
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पराली जलाने की नई घटनाओं में संगरूर, बठिंडा और पटियाला सबसे आगे हैं। एक ही दिन में संगरूर में 77, बठिंडा में 49 और पटियाला में 46 नई घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसी तरह, फिरोजपुर में 45 और बरनाला में 33 जगह खेतों में आग लगाई गई। ये पांचों जिले मालवा क्षेत्र में आते हैं।

अगर कुल मामलों की बात करें तो संगरूर का आंकड़ा एक दिन पहले के 163 से बढ़कर अब 240 हो गया है। वहीं, बठिंडा में यह गिनती 167 से 216 और पटियाला में 110 से 156 तक पहुंच गई है। फिरोजपुर में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है और वहां पराली जलाने के कुल मामले 316 से 361 हो गए हैं।

तरनतारन की स्थिति सबसे खराब
माझा क्षेत्र का तरनतारन जिला पूरे पंजाब में सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां अब तक पराली जलाने की 586 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। यह दिखाता है कि पराली जलाने की समस्या अब एक बड़े इलाके में फैल रही है।

रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान में कुल 2,787 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल इसी समय के आंकड़ों (2,933 मामलों) से मात्र 146 कम हैं। प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद राज्य में खेतों की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही, 3 नवंबर को इस सीजन में एक दिन के भीतर सबसे ज्यादा 584 मामले दर्ज किए गए थे।

प्रशासन की कार्रवाई और जुर्माना
लगातार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद मामले कम नहीं हो रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, अब तक किसानों के खिलाफ 710 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा 914 मामलों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए जुर्माना लगाया गया है।


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