केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 4 दिसंबर 2026 को लखनऊ में चौथे यूपी राज्य कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 3 से 5 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 25वें एग्रोटेक 2026 का हिस्सा है। इसका आयोजन इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर की ओर से किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार इस आयोजन में मेजबान राज्य की भूमिका निभा रही है।
शिखर सम्मेलन का आयोजन लखनऊ के होटल रेनेसां में होगा। इसमें 200 से अधिक सीईओ, तकनीकी विशेषज्ञ और कृषि व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल होंगे। इनमें करीब 40 प्रतिनिधि विदेशों से आएंगे। सम्मेलन में खेती में नई तकनीक के इस्तेमाल, फसल उत्पादन बढ़ाने, कृषि ऋण, बीमा और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
खेती में तकनीक और फसल प्रबंधन पर होगी चर्चा
शिखर सम्मेलन की शुरुआत उत्तर प्रदेश में कृषि व्यवसाय, कृषि निर्यात और निवेश से जुड़ी नीतिगत पहलों पर चर्चा के साथ होगी। इसके बाद अलग-अलग विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में खेती में तकनीक और कृषि इनपुट के बेहतर प्रबंधन, फसलों को बीमारियों और नुकसान से बचाने के लिए उनके स्वास्थ्य प्रबंधन तथा किसानों को कृषि ऋण और बीमा उपलब्ध कराने जैसे विषय शामिल होंगे।
इसके अलावा खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी। इन तकनीकों के जरिए सटीक कृषि को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और उनकी मार्केटिंग को बेहतर बनाने के लिए किसान उत्पादक संगठनों और उद्योगों के बीच साझेदारी पर भी सत्र आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन के समापन पर यूपी स्टेट एक्सीलेंस अवार्ड्स दिए जाएंगे। इसमें कृषि, कृषि व्यवसाय और इससे जुड़े क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले संगठनों और लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
इथेनॉल से किसानों को लाभ मिलने का दिया उदाहरण
ICFA के निदेशक तुषार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी किसानों से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में किसानों से जुड़ी कई पहल की हैं। शर्मा के अनुसार, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की दिशा में भी गडकरी ने हाल के वर्षों में काम किया है। इससे बायोमास की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिला है।
10 हजार से अधिक किसानों और हितधारकों तक पहुंचने का लक्ष्य
तुषार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि प्रधान राज्य है और यहां की आबादी 25 करोड़ से अधिक है। एग्रोटेक 2026 के जरिए 10 हजार से अधिक प्रगतिशील किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सरकार और कंपनियों के बीच बैठकें होंगी। इसके साथ ही निवेश और समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के अवसर भी मिलेंगे। कार्यक्रम में कृषि तकनीकों का मौके पर प्रदर्शन किया जाएगा और किसानों के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार, एग्रोटेक 2026 का आयोजन विकसित भारत 2047 के विजन और उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप किया जा रहा है।