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Home› Khabar Junction› Stubble Burning New Case Of Stubble Burning In Punjab Total Number Increases To 73 203 Cases So Far In Six

Stubble burning: पंजाब में पराली जलाने का नया मामला, कुल संख्या बढ़कर 73, छह राज्यों में अब तक 203 मामले...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 04 Oct 2026 03:51 PM IST
सार

  • पंजाब में पराली जलाने का एक और मामला सामने आया
  • राज्य में खेतों में आग लगाने की कुल संख्या 73 पहुंची
  • छह राज्यों में अब तक पराली जलाने के 203 मामले दर्ज
  • पंजाब के अमृतसर में सबसे ज्यादा 44 मामले सामने आए
  • 23 मामलों में ₹1.15 लाख का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया

इस सीजन पराली जलाने के मामलों में पंजाब का हिस्सा अब तक 36 प्रतिशत पर पहुंच चुका है।
इस सीजन पराली जलाने के मामलों में पंजाब का हिस्सा अब तक 36 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। - फोटो : ai
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विस्तार
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उत्तर भारत के कई राज्यों में धान कटाई का काम शुरू हो चुका है। दूसरी तरफ पराली जलाने के मामले भी सामने आने लगे हैं। शनिवार को पंजाब में पराली जलाने का नया मामला सामने आया, जिसके साथ चालू सीजन में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 73 पहुंच गई है। प्रमुख धान उत्पादन राज्यों में शनिवार तक कुल 203 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जिसमें 36 प्रतिशत हिस्सा केवल पंजाब का है। वहीं, 66 मामलों के साथ दूसरे पायदान पर मध्य प्रदेश और तीसरे स्थान पर 55 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश का नाम है।

 3 अक्तूबर तक 52 जिलों में पराली जली
3 अक्तूबर तक अलग-अलग राज्यों के कुल 52 जिलों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पंजाब के 10 जिले शामिल हैं। वहीं, हरियाणा और राजस्थान में 4-4 और दिल्ली में केवल 1 मामला सामने आया है।

अमृतसर-तरनतारन पराली जलाने में टॉप पर
पंजाब की बात करें तो अमृतसर और तरनतारन जिले से सबसे ज्यादा मामले आए हैं। पराली जलाने की घटनाओं पर नकेल कसने ेक लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पंजाब में पराली जलाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

23 मामलों में 1.15 लाख का जुर्माना
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में 23 पराली जलाने के मामलों में कुल 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया कया है, जिसमें से 45 हजार की वसूल हुई है। वहीं, 11 मामलों में खेत को रेड एंट्री में डाल दिया गया है। पराली जलाने से रोकने में लापरवाही के चलते नोडल और पर्यवेक्षी (सुपरवाइजरी) अधिकारियों को चेतावनी और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।


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