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Home› Khabar Junction› Karnataka Drought In Tumakuru Destroys Crops Worth Rs 159 Crore 10 Taluks Hit By Drought

कर्नाटक : तुमकुरु में सूखे से 159 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद, 10 तालुके सूखाग्रस्त

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 04 Oct 2026 04:29 PM IST
सार

  • तुमकुरु के सभी 10 तालुके सूखाग्रस्त घोषित, फसल नुकसान का अनुमान 159 करोड़ रुपये।
  • जून-सितंबर में सामान्य 348 मिमी के मुकाबले सिर्फ 184 मिमी बारिश, 47% कमी।
  • बारिश की कमी से सामान्य बुवाई क्षेत्र 3.11 लाख हेक्टेयर घटकर 2.19 लाख हेक्टेयर रह गया।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गांव जंक्शन
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कम बारिश, सूखे मौसम और मिट्टी में नमी की कमी से कर्नाटक के तुमकुरु जिले में करीब 159 करोड़ रुपये की फसल का नुकसान होने का अनुमान है। जिले के सभी 10 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। यह जानकारी शनिवार को जिले का दौरा करने आई अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) को उपायुक्त शुभा कल्याण ने दी।

जिला पंचायत में हुई बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जून से सितंबर के बीच जिले में सामान्य तौर पर 348 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 184 मिमी बारिश हुई। यानी सामान्य से करीब 47 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।

3.11 लाख हेक्टेयर में होती है बुवाई
तुमकुरु जिले में करीब 5.15 लाख किसान हैं। यहां सामान्य तौर पर 3,11,657 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बोई जाती है। लेकिन बारिश की कमी के कारण इस बार सिर्फ 2,19,935 हेक्टेयर, यानी करीब 72 फीसदी क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी।

बारिश की कमी का असर बोई गई फसलों पर भी पड़ा। कई खेतों में पौधे सूख गए, जबकि कई फसलों में समय पर फूल नहीं आए। रागी और मूंगफली जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। जिला प्रशासन ने करीब 1,92,128 हेक्टेयर फसल क्षेत्र में नुकसान का आकलन करते हुए रिपोर्ट केंद्र को भेजी है।

केंद्रीय टीम ने खेतों में जाकर देखा नुकसान
राजस्व, कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कराया। टीम ने तुमकुरु और कोराटागेरे तालुकों में रागी, मक्का और मूंगफली के सूखे खेत, सिंचाई वाली फसलें, सूखे तालाब और कुओं का निरीक्षण किया। टीम ने किसानों और ग्रामीणों से बातचीत कर फसल नुकसान, कम पैदावार, पीने के पानी की समस्या और बोरवेल में गिरते भूजल स्तर की जानकारी ली।

केंद्रीय टीम ने पीने के पानी की उपलब्धता, सफल और सूखे बोरवेल तथा VB-G RAM G के कामों की भी समीक्षा की। अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ सूखे से निपटने के लिए वैकल्पिक जल स्रोत और राहत उपायों पर चर्चा की गई।

केंद्रीय टीम में ये अधिकारी शामिल
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू, नीति आयोग के लेफ्टिनेंट कर्नल अमरिंदर सिंह और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के निदेशक जे. हर्षा शामिल थे।
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