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कृषि अनुसंधान को मिली वैश्विक पहचान: दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में काजरी के 7 वैज्ञानिक, निदेशक भी शामिल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 10 Oct 2026 04:27 PM IST
सार

  • काजरी, जोधपुर के सात वैज्ञानिकों को वर्ष 2026 की दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली।

  • काजरी के वर्तमान निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट और पूर्व निदेशक डॉ. ओम प्रकाश यादव भी सूची में शामिल हैं।

  • दो सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों समेत संस्थान के वैज्ञानिकों ने यह उपलब्धि हासिल की।

  • सूची में भारत के 6,953 वैज्ञानिक शामिल हैं। इस आधार पर भारत दुनिया में आठवें स्थान पर रहा।

दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में काजरी के 7 वैज्ञानिक
दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में काजरी के 7 वैज्ञानिक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के सात वैज्ञानिकों को वर्ष 2026 की दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से जारी इस सूची में काजरी के वर्तमान निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट और पूर्व निदेशक डॉ. ओम प्रकाश यादव भी शामिल हैं।

काजरी के सात वैज्ञानिकों को मिली जगह
इस सूची में काजरी के दो सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जे.सी. तरफदार और डॉ. दिलीप जैन भी शामिल हैं। इनके अलावा संस्थान में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ. आनंद कुमार नोरेम, डॉ. दीपेश माचिवाल और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रियब्रंत सांत्रा ने भी यह उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 की इस सूची में भारत के 6,953 वैज्ञानिक शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया में आठवें स्थान पर रहा। वहीं, 73,638 वैज्ञानिकों के साथ अमेरिका पहले स्थान पर रहा।

डॉ. सेंगवा को लगातार नौवीं बार स्थान
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. आर.जे. सेंगवा को भी लगातार नौवीं बार दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है। पॉलिमर और एप्लाइड फिजिक्स के 1,33,253 वैज्ञानिकों में उन्हें 200वां स्थान मिला है।

डॉ. सेंगवा का शोध पॉलिमर आधारित सामग्री पर केंद्रित है। इन सामग्रियों का इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरियों और आधुनिक माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। उनके अब तक 213 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। गूगल स्कॉलर के अनुसार, इन शोधपत्रों को 8,782 बार उद्धृत किया गया है और उनका एच-इंडेक्स 55 है।

डॉ. सेंगवा के निर्देशन में पीएचडी करने वाली दो शोधार्थी डॉ. शोभना चौधरी और डॉ. प्रियंका धतरवाल भी पिछले कुछ वर्षों से इस सूची में जगह बना रही हैं। डॉ. शोभना चौधरी वर्तमान में सीएसआईआर-एचआरडीसी में वैज्ञानिक-एफ के पद पर कार्यरत हैं।

शोध के आधार पर होता है चयन
यह वैश्विक सूची स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन पी.ए. इओनिडिस के योगदान से तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध कार्य और उनके प्रभाव जैसे मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।
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