छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के शक्कर कारखानों में अब गन्ने की खरीद 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह घोषणा की। सरकार के अनुसार, पेराई सत्र 2025-26 में की गई गन्ने की खरीदी का भुगतान भी इसी बढ़ी हुई दर से किया जाएगा।
किसान संघ के साथ बैठक के बाद हुआ निर्णय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारतीय किसान संघ (छत्तीसगढ़ प्रदेश) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की थी। इस बैठक के दौरान प्रदेश के किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें गन्ना उत्पादक किसानों का विषय प्रमुखता से सामने आया। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीद दर 425 रुपये प्रति क्विंटल तय करने का निर्णय लिया।
पेराई सत्र 2025-26 पर भी लागू होगा नया भाव
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पेराई सत्र 2025-26 में जिन किसानों से गन्ना खरीदा जा चुका है, उन्हें भी इसी बढ़ी हुई दर (₹425 प्रति क्विंटल) के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाने, खेती को लाभकारी बनाने और किसान परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अन्नदाता की खुशहाली को प्रदेश का आधार बताया।
लागत घटाने और आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत को कम करने और इसे अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नीतियों के केंद्र में किसानों के हितों को रखकर आगे बढ़ रही है और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों की खुशहाली में किसानों की भूमिका सबसे अहम है। जब खेती मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे, जिससे पूरे राज्य की तरक्की का रास्ता साफ होगा।