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Seoni Jumbo Custard Apple Enter Dubai First Consignment Leave Foreign Country Farmers And Women Groups Benefit
सिवनी के जंबो सीताफल की दुबई में होगी एंट्री : पहली खेप विदेश रवाना, किसानों और महिला समूहों को मिलेगा फायदा
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:19 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का जीआई टैग वाला जंबो सीताफल पहली बार दुबई निर्यात किया जा रहा है। एक जिला-एक उत्पाद योजना की इस पहल से किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का प्रसिद्ध जंबो सीताफल अब विदेशों में भी अपनी पहचान बनाएगा। जीआई टैग प्राप्त इस फल की पहली खेप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई शहर भेजी जा रही है। सरकार की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत शुरू हुई इस पहल से स्थानीय किसानों और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को नए बाजार और कमाई के अवसर मिलेंगे।
मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रयासों से इस फल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। इसके लिए 30 अक्टूबर 2026 को स्व-सहायता समूहों के उत्पादक समूह ने स्थानीय किसानों से सीताफल की खरीद की प्रक्रिया पूरी की।
नागपुर से शारजाह होते हुए दुबई पहुंचेगा फल
जंबो सीताफल की पहली खेप 31 अक्टूबर 2026 को सिवनी जिले के खेरमटाकोल गांव से नागपुर के लिए रवाना की जाएगी। इसके बाद हवाई मार्ग से शारजाह होते हुए इसे दुबई के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। इस निर्यात से सिवनी के स्थानीय उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिलने की उम्मीद है।
कई विभागों ने मिलकर तैयार की योजना
सिवनी के जंबो सीताफल को विदेशी बाजार तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन, मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और कॉग्निफाई इमपेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर काम किया है।
इस पहल को आगे बढ़ाने में राज्य कार्यालय आजीविका मिशन, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय निगम, सिवनी की जिलाधिकारी अंजू अरुण कुमार और जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजली शाह की अहम भूमिका रही है।
किसानों और ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा फायदा
जंबो सीताफल के निर्यात से स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नया बाजार मिलेगा। इससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। वहीं, आजीविका मिशन से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को फल की खरीद, छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, विपणन और निर्यात की प्रक्रिया सीखने का मौका मिलेगा। इस पहल से महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कारोबार के नए रास्ते खुल सकते हैं। साथ ही, स्थानीय उपज को विदेशी बाजार से जोड़ने से जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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