मध्य प्रदेश का एक नया खाद्य उत्पाद भारत की कृषि निर्यात टोकरी में शामिल हुआ है। प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पादन योजना के तहत प्रदेश के सिवनी जिले का मशहूर जंबो सीताफल पहली बार विदेश निर्यात किया गया है। इस जीआई टैग वाले फल की पहली खेप संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर भेजी गई है। इस निर्यात की मदद से किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को फायदा होने की उम्मीद है।
गांव से नागपुर और फिर शारजाह होते हुए पहुंचेगा दुबई
जानकारी के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों ने निर्यात के लिए 30 अक्तूबर तक किसानों से जंबो सीताफल की खरीद का काम पूरा कर लिया था। वहीं, 31 अक्टूबर 2026 को सिवनी जिले के खेरमटाकोल गांव से इस फल की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर नागपुर के लिए रवाना किया गया। नागपुर से हवाई जहाज के जरिए यह फल शारजाह होते हुए सीधे दुबई के बड़े बाजारों तक पहुंचेगा।
सरकारी विभागों और एजेंसियों की मेहनत लाई रंग
सिवनी के इस फल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में कई सरकारी और निजी संस्थाओं ने मिलकर काम किया है। इसमें सिवनी जिला प्रशासन, मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) और कॉग्निफाई इमपेक्स प्राइवेट लिमिटेड का अहम योगदान रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को जमीन पर उतारने में राज्य आजीविका मिशन भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय निगम, सिवनी की जिलाधिकारी अंजू अरुण कुमार और जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजली शाह ने विशेष प्रयास किए हैं।
किसानों को मिल रहा सही दाम, महिलाओं को मिला काम का अनुभव
सीताफल के दुबई जाने से सिवनी जिले के किसानों को अपनी फसल का अधिक और उचित दाम मिल रहा है। इसके साथ ही आजीविका मिशन से जुड़ी गांव की महिलाओं को भी फल इकट्ठा करने, उसकी छंटाई करने, बाजार में बेचने और विदेश भेजने के काम का सीधा अनुभव मिला है। सरकार के अनुसार, गांव की स्थानीय उपज को सीधे विदेशी बाजार से जोड़ने की इस पहल से जिले में स्वरोजगार और व्यापार के नए मौके बन रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों का रहन-सहन और बेहतर होगा।