Home›Khabar Junction›
Save Farm Campaign Launched In Karnal Shivraj Told Farmers Apply Fertilizer Only After Getting Soil Tested
करनाल से हुआ खेत बचाओ अभियान का आगाज : शिवराज ने किसानों से कहा- मिट्टी की जांच कराकर ही डालें खाद
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Thu, 22 Oct 2026 05:38 PM IST
सार
खेत बचाओ अभियान के तहत शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के किसानों से मिट्टी की जांच कराकर खाद डालने और एक एकड़ से प्राकृतिक खेती शुरू करने की अपील की। जानें किसान चौपाल की प्रमुख बातें।
करनाल से हुआ खेत बचाओ अभियान का आगाज
- फोटो : सोशल मीडिया
हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत की। इस दौरान आयोजित किसान चौपाल में उन्होंने किसानों से खेती की लागत घटाने, मिट्टी की सेहत बचाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेतों में जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। इसलिए किसान दूसरों की देखा-देखी खाद डालने के बजाय मिट्टी की जांच कराएं और स्वाइल हेल्थ कार्ड के आधार पर खाद का इस्तेमाल करें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार किसानों की आय, सम्मान और खेती को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, स्थानीय विधायक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) के वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
जरूरत के मुताबिक ही डालें रासायनिक खाद
किसान चौपाल में शिवराज सिंह चौहान ने रासायनिक खादों के असंतुलित इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेत में बिना जरूरत खाद डालना नुकसानदेह हो सकता है। किसान अक्सर दूसरे किसानों को देखकर खाद की मात्रा बढ़ा देते हैं, जबकि हर खेत की मिट्टी की जरूरत अलग होती है।
उन्होंने किसानों से मिट्टी की जांच कराने और स्वाइल हेल्थ कार्ड में दी गई सलाह के अनुसार खाद का इस्तेमाल करने की अपील की। इससे खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। मंत्री ने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक अनुभव के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि जमीन की सेहत सुरक्षित रहे और किसानों की कमाई भी बढ़े।
एक एकड़ से शुरू करें प्राकृतिक खेती
प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों की शंकाओं पर केंद्रीय मंत्री ने अपने खेती के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती सही तरीके और वैज्ञानिक विधि से की जाए, तो इससे लाभ मिल सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जिनके पास तीन या पांच एकड़ जमीन है, वे पहले एक एकड़ में प्राकृतिक खेती शुरू करें। इसके लिए जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट का सही मात्रा और समय पर इस्तेमाल करना जरूरी है। एक एकड़ में अनुभव हासिल करने के बाद किसान धीरे-धीरे दूसरे खेतों में भी इस पद्धति को अपना सकते हैं।
देसी गाय और पशुपालन पर भी हुई चर्चा
किसान चौपाल में देसी गोवंश के संरक्षण, दूध के उचित मूल्य और अच्छी नस्ल की बछिया पैदा करने के लिए लिंग-वर्गीकृत वीर्य (सेक्स-सॉर्टेड सीमेन) तकनीक पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को किसानों के लिए सस्ता और सुलभ बनाने से जुड़े प्रयासों पर बात की। प्राकृतिक खेती में गोबर और गोमूत्र के इस्तेमाल तथा देसी गाय के दूध के बेहतर बाजार मूल्य जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा के किसानों की सराहना
शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई गिरावट को लेकर किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन और सुपर सीडर जैसी तकनीकों को अपनाकर किसानों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अच्छा प्रयास किया है। उन्होंने इसे किसानों, जनता और सरकार के साझा प्रयासों का नतीजा बताया। पराली का उचित प्रबंधन करने से खेतों में आग लगाने की जरूरत कम हो सकती है और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
किसानों के सुझावों पर कार्रवाई का भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान चौपाल का उद्देश्य खेतों से जुड़ी समस्याओं को समझना और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों से मिले सुझावों और उनकी जरूरतों पर कृषि मंत्रालय उचित कदम उठाने का प्रयास करेगा। उन्होंने किसानों से मिट्टी की सेहत का ध्यान रखने, संतुलित खाद इस्तेमाल करने, प्राकृतिक खेती के विकल्पों को समझने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।