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पराली के धुएं से राहत की शुरुआत? : उत्तर भारत में 20% घटीं घटनाएं, UP-हरियाणा ने दिखाया बड़ा सुधार, जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 22 Oct 2026 06:08 PM IST
सार

  • अब तक के धान कटाई सीजन में दर्ज किए गए पराली जलाने के मामले बीते साल से 20 प्रतिशत कम है
  • हरियाणा और यूपी में में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है
  • हालांकि पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पराली जलाने के मामले बढ़े हैं।
  • 15 सितंबर से 20 अक्तूबर के दौरान मथुरा जिला यूपी में पराली जलाने का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट रहा।

पराली जलाने के मामलों में आई गिरावट।
पराली जलाने के मामलों में आई गिरावट। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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धान कटाई सीजन की शुरुआत के साथ पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। लेकिन, अब तक आए मामले बीते सीजन के तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की CREAMS लैब के आंकड़े बताते हैं कि 15 सितंबर से 20 अक्तूबर के दौरान  पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में पराली जलाने के कुल 1,265 मामले दर्ज किए गए, जबकि बीते साल इसी समय यह आंकड़ा 1,591 था। पराली जलाने के मामलों में यह गिरावट के अच्छा संकेत माना जा रहा है। हालांकि, अबी धान कटाई का सीजन अपने शुरुआती समय में है।

यूपी और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में भारी गिरावट
इस गिरावट के सबसे बड़ा योगदान हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने दिया है। उत्तर प्रदेश में इस अवधि के दौरान पराली जलाने के मामले 66% गिरकर 187 रह गए, पिछले साल यह आंकड़ा 557 था। दूसरी तरफ हरियाणा में 82 प्रतिशत की गिरावट के साथ पराली जलाने के मामले 51 से गिरकर 9 रह गए। 

उत्तराखंड में यह मामले 130 से घटकर 61हो गए। दिल्ली में पिछले साल के 3 मामलों के मुकाबले इस साल सिर्फ एक घटना दर्ज की गई है।

पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बढ़े मामले
यह गिरावट सभी राज्यों में देखने को नहीं मिली है। पराली जलाने के मामलों में प्रमुख राज्यों में से एक, पंजाब में पिछले साल के 353 मामलों की तुलना में इस साल 404 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मध्य प्रदेश में भी यह आंकड़ा 285 से बढ़कर 388 हो गया है, जबकि राजस्थान में 212 के मुकाबले मामूली वृद्धि के साथ 215 मामले सामने आए हैं।

एक दिन में सैटेलाइट ने 94 मामले पकड़े
यह आंकड़े बताते हैं कि कुल मामलों में कमी के बावजूद कुछ राज्यों में मामले बढ़ने से यह समस्या अभी भी बनी हुई है। केवल 20 अक्टूबर के सैटेलाइट आंकड़ों के मुताबिक, एक ही दिन में इन क्षेत्रों में पराली जलाने के 94 मामले सामने आए। इनमें पंजाब में 36, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 18-18, उत्तर प्रदेश में 12 और उत्तराखंड में 10 घटनाएं दर्ज की गईं।

मथुरा रहा यूपी का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला 15 सितंबर से 20 अक्तूबर के दौरान पराली जलाने का हॉटस्पॉट रहा, इस दौरान यहां 44 घटनाएं दर्ज की गई। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में 11 और पीलीभीत में 9 मामले सामने आए। वहीं, फतेहपुर और एटा में 7-7 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

प्रदेश में पराली जलाने के मामलों सामने आने का सिलसिला 29 सितंबर से लगातार जारी है। 19 अक्टूबर को एक दिन में यहां सबसे अधिक 27 मामले दर्ज किए गए।

 


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