हिमाचल प्रदेश : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ा मानदेय, विधवा महिलाओं के लिए भी बढ़े नियुक्ति के अवसर
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Thu, 22 Oct 2026 05:52 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 11,500 और सहायिकाओं का 6,800 रुपये हुआ। विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए नियुक्ति की आय सीमा भी बढ़ाकर 75,000 रुपये की गई।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 11,500 रुपये और सहायिकाओं को 6,800 रुपये मिलेंगे। दोनों के मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही सरकार ने आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं की वार्षिक आय सीमा भी बढ़ा दी है। पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, शुरुआती देखभाल और महिलाओं-बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उनके काम और योगदान को देखते हुए सरकार ने मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 11,500 रुपये मानदेय
राज्य सरकार के फैसले के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को अब हर महीने 5,800 रुपये के बजाय 6,800 रुपये मिलेंगे।
इस बढ़ोतरी से दोनों श्रेणियों की कर्मचारियों को हर महीने 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य आंगनबाड़ी कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना और उन्हें आर्थिक राहत पहुंचाना है।
विधवा और एकल महिलाओं के लिए बढ़ी आय सीमा
हिमाचल सरकार ने आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं की वार्षिक आय सीमा भी बढ़ाई है। पहले पात्रता के लिए आय सीमा 50,000 रुपये सालाना थी, जिसे अब बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है।
इस बदलाव से निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करने वाली अधिक जरूरतमंद महिलाओं को आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए अवसर मिल सकता है। खासकर ऐसी महिलाओं को रोजगार पाने में मदद मिल सकती है, जिन्हें आर्थिक सहारे की जरूरत है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। मानदेय बढ़ाने और नियुक्ति के लिए आय सीमा में बदलाव जैसे फैसलों का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, शुरुआती देखभाल और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार के अनुसार, इन केंद्रों में काम करने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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