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Home› Khabar Junction› Relief Expected From High Sugar Prices 18 Maharashtra Mills Have 2 56 Lakh Tonnes Of Stock Prices Under Watch

महंगी चीनी से राहत की उम्मीद : महाराष्ट्र की 18 मिलों में 2.56 लाख टन स्टॉक, कीमतों पर नजर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 26 Sep 2026 04:54 PM IST
सार

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र की 18 चीनी मिलों में 2,56,778 टन चीनी का स्टॉक मिला है। नए पेराई सत्र से पहले यह स्टॉक बाजार में आने की संभावना है, जिससे चीनी की आपूर्ति बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

चीनी
चीनी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र की 18 चीनी मिलों में सितंबर तक 2,56,778 टन चीनी का स्टॉक मिला है। नए गन्ना पेराई सत्र के शुरू होने से पहले इस स्टॉक को बाजार में उतारने की संभावना है। इससे चीनी की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। यह जानकारी सितंबर की रिपोर्ट के हवाले से लोकमत टाइम्स ने दी है।

छत्रपति संभाजीनगर का क्षेत्र छह जिलों छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, धुले, जलगांव और नंदुरबार में फैला है। यहां कुल 26 चीनी मिलें हैं, जिनमें से 18 मिलों के पास चीनी का स्टॉक पाया गया।

एक महीने पहले 80 रुपये किलो तक पहुंची थी कीमत
करीब एक महीने पहले बाजार में चीनी की कमी के कारण खुदरा कीमतें बढ़कर 75 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने चीनी का आयात किया और चीनी मिलों तथा कारोबारियों के पास मौजूद स्टॉक की निगरानी बढ़ा दी।

क्षेत्रीय संयुक्त चीनी निदेशक ने भी चीनी मिलों का अचानक निरीक्षण किया। इन जांचों का मकसद मिलों में मौजूद स्टॉक की जानकारी लेना और किसी तरह की गड़बड़ी की जांच करना था। सूत्रों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कोई अनियमितता नहीं मिली।

दो मिलों के पास सबसे ज्यादा स्टॉक
रिपोर्ट के अनुसार, पंचगंगा शुगर फैक्ट्री के पास सबसे ज्यादा 43,235 टन चीनी का स्टॉक मिला। इसके बाद मुक्तेश्वर शुगर फैक्ट्री के पास 40,740 टन चीनी थी। अधिकारियों की ओर से चीनी के स्टॉक पर लगातार नजर रखी जा रही है। खासकर यह देखा जा रहा है कि कहीं बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए चीनी को रोककर तो नहीं रखा जा रहा।

अक्टूबर-नवंबर में बढ़ेगी आपूर्ति
नया गन्ना पेराई सत्र अक्टूबर-नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है। पेराई शुरू होने के बाद नई चीनी बाजार में आने लगेगी, जिससे आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो सकता है। तब तक प्रशासन और संबंधित विभाग चीनी मिलों के स्टॉक की निगरानी जारी रखेंगे।
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