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यूपी में बारिश का रौद्र रूप : 20 से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसे हालात का अलर्ट, फसलों के नुकसान का होगा सर्वे

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 26 Sep 2026 05:33 PM IST
सार

यूपी में 48 घंटे से जारी भारी बारिश के बीच 20 से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसे हालात का अलर्ट है। 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है और 117 मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों की फसलों का भी तत्काल सर्वे कराया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। बारिश से फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन कराया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से सटे इलाकों में बने डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार तक बारिश का असर बना रह सकता है। इसके बाद सोमवार से मौसम में सुधार शुरू होने और धूप निकलने की संभावना है।

इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।वहीं बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

लखनऊ में 86.6 मिमी बारिश
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार शाम छह बजे तक 86.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण प्रदेश के करीब 40 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में 21 सेंटीमीटर या इससे अधिक बारिश दर्ज की गई। राहत आयुक्त के अनुसार प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

24 घंटे में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से करीब 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में सामान्य से करीब 130 गुना अधिक बारिश हुई। भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश दर्ज की गई। वहीं गाजीपुर में सबसे कम बारिश हुई। बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में इस अवधि में बारिश नहीं हुई।

117 मकानों को नुकसान
भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण पिछले 48 घंटे में प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुसार सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

किसानों की फसलों का भी होगा सर्वे
भारी बारिश और जलभराव से फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए फील्ड अधिकारियों को फसल नुकसान का तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में बारिश से प्रभावित खेतों की स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी।

सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि खेत में जलभराव होने पर स्थानीय कृषि अधिकारियों की सलाह से पानी निकासी की व्यवस्था करें और नुकसान की स्थिति में खेत व फसल की तस्वीरें सुरक्षित रखें।

नेपाल में बारिश से सीमावर्ती जिलों में बढ़ी सतर्कता
नेपाल में भी भारी बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को लगातार निगरानी करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय
पिछले 48 घंटे से खराब मौसम को देखते हुए प्रदेश में राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी गई है। राहत आयुक्त ने प्रभावित जिलों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

36 घंटे बाद मौसम में सुधार की उम्मीद
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 36 घंटे के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। हालांकि रविवार तक कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। सोमवार से मौसम में सुधार और धूप निकलने के आसार हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

राहत आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें। आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
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