आंध्र प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2 अक्टूबर को मदनपल्ले में परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
इस परियोजना पर कुल करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से पूर्वोदय योजना के तहत 40 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जबकि करीब 60 हजार करोड़ रुपये निजी कंपनियों से आने की उम्मीद है।
छह जिलों में विकसित होगा हब
रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब को रायलसीमा के चार पुराने जिलों के साथ प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में विकसित किया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य सूखे की समस्या वाले क्षेत्रों में बागवानी से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना और किसानों की आय के नए अवसर तैयार करना है।
इस हब के जरिए क्षेत्र में बागवानी उत्पादन, उससे जुड़े कारोबार और कृषि आधारित गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इससे सूखा प्रभावित इलाकों की कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रिलायंस के सहयोग से खुलेगा इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर
परियोजना के तहत इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला भी रखी जाएगी। इसे रिलायंस के सहयोग से विकसित किया जाएगा। संस्थान के जरिए कृषि क्षेत्र में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार का लक्ष्य रायलसीमा और आसपास के क्षेत्रों में बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।