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Rajasthan: 20 साल पहले UP के किसान ने पहली बार भिंडी उगाई, आज ये दो गांव बने भिंडी हब, किसानों की बल्ले-बल्ले

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 18 Oct 2026 11:24 AM IST
सार

  • राजस्थान के दो गांवों में भिंडी की खेती के हब बन चुके हैं
  • 20 साल पहले यूपी के किसान ने की थी शुरुआत
  • ठेई और बिरावई गांव की भिंडी को राजस्थान के साथ यूपी का बाजार भी मिला
  • वर्तमान में 2 हजार हेक्टेयर में उग रही यह फसल, किसान सालाना लाखों का मुनाफा कमा रहे

राजस्थान के दो गांवों में भिंडी ने बदली खेती-बाड़ी की तस्वीर।
राजस्थान के दो गांवों में भिंडी ने बदली खेती-बाड़ी की तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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राजस्थान के दो गांव अब भिंडी की खेती के लिए पहचाने जाने लगे हैं। भरतपुत जिले में यूपी की सीमा से सटे ठेई और बिरावई गांव के किसान पारंपरिक फसलों से हटकर भिंडी उगाकर सालाना लाखों रुपये का मुनाफा कम रहे हैं। इस समय दोनों गांवों की 2 हजार बीघा जमीन में भंडी की फसल लगी है।
 
इस बदलाव की शुरुआत बीस साल पहले हुई
जानकारी के अनुसार, 
ठेई और बिरावई गांव में भिंडी की खेती की शुरुआत करीब 20 साल पहले हुई थी। यूपी के किसान ने ठेई गांव में रहने वाले अपने रिशतेदार के यहां पहली बार भंडी और गेंदे की खेती की थी। इस दौरान यहां के किसानों ने विधि सीखी और दो गांव वालों ने प्रयोग के लिए अपने खेतों में भंडी की बुुवाई करने का फैसला लिया। इसी के साथ धीरे-धीरे भिंडी का रकबा बढ़ता गया
  
युवाओं के लिए बना रोजगार का जरिया
भिंडी की इस व्यावसायिक खेती में गांव के युवा भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। खेत की तैयारी, देखभाल और फसल की तुड़ाई जैसे कार्यों में युवा पूरी लगन के साथ लगे हुए हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि पारंपरिक फसलों की तुलना में इसमें मेहनत अधिक जरूर है, लेकिन यह कम समय में अच्छी आमदनी का एक मजबूत साधन बनकर उभरी है। इससे क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त हुए हैं।

राजस्थान से यूपी तक सप्लाई
ठेई और बिरावई गांवों में तैयार होने वाली ताजा भिंडी को राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में बेचा जाता है। इन दो दशकों में महज दो किसानों से शुरू हुआ यह बदलाव अब पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल चुका है। यहां की सफलता और बंपर कमाई को देखकर आसपास के अन्य गांवों के किसान भी अब पारंपरिक खेती छोड़कर भिंडी की व्यावसायिक खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।


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