फसल का बाजार भाव तय करने में सप्लाई और मांग का नियम अहम भूमिका निभाता है। लेकिन, वर्तमान में यह नियम धान के लिए लागू होता नहीं दिख रहा है। मंडियों में खरीफ धान की आवक के बावजूद देश के कई राज्यों में धान का औसत दाम एमएसपी से ऊपर दर्ज किया गया है।
MSP के मुकाबले 2,977 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ा धान का बाजार भाव
खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान की एमएसपी 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान की एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। सरकारी एगमार्कनेट पोर्टल के आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटर में धान का औसत दाम 5,418.14 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो एमएसपी से 2,977 रुपये ज्यादा है। इस तरह दिल्ली में धान का औसत रेट 3,522.06 और राजस्थान में 3,554.81 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
कम रकबा-उत्पादन में गिरावट के डर ने कीमतों को मजबूती दी
धान की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण कमजोर मानसून रहा है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम बारिश ने पिछले साल के मुकाबले धान के रकबे को 15 लाख हेक्टेयर से ज्यादा लुढ़का दिया है। दूसरी तरफ कम बारिश ने ही धान उत्पादन की संभावनाओं को कमजोर किया है। राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इस साल भारत के चावल उत्पादन में 1 करोड़ टन तक की गिरावट का अनुमान लगाया है।
जानकार, भारतीय खाद्य निगम के चावल का इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्जन को भी धान की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जोड़ते हैं।
यूपी से एमपी तक धान ने लगाई छलांग
एमएसपी से हटकर अगर सालाना हिसाब से देखें तो भी धान की कीमतों में तेजी आई है। बीते साल के मुकाबले यूपी में धान का औसत दाम 42.6 प्रतिशत बढ़कर 2,781 रुपये, राजस्थान में 45.4% बढ़कर 3,554 रुपये और मध्य प्रदेश में 31.8% बढ़कर 3,450 रुपये प्रति क्विंटल रहा है। वहीं, 9 से 15 अक्टूबर 2026 के दौरान देशभर का भारित औसत भाव 2,791 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 19.2% अधिक है।
घरेलू कारकों के अलावा पश्चिम एशिया तनाव, रूस यूक्रेन युद्ध, खाद सप्लाई चेन पर असर जैसे कई अंतरराष्ट्रीय कारक भी भारत समेत दुनिया भर के खाद्य उत्पादों के बाजार में हलचल को जन्म दे रहे हैं।