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Home› Khabar Junction› India Nz Fta Zero Duty On This Agricultural Product From New Zealand What Will Be The Tax On Imports Of Kiwi

India–NZ FTA: न्यूजीलैंड से आने वाले इस कृषि उत्पाद पर शून्य शुल्क, कीवी-मछली के आयात पर कितना लगेगा टैक्स?

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 18 Oct 2026 10:02 AM IST
सार

  • भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा
  • भेड़ के मांस के आयात पर सीमा शुल्क शून्य
  • कीवी फल पर 15% और कुछ मछलियों पर 25.71% शुल्क
  • मनुका शहद पर 51% शुल्क, प्रोटीन आयात की 200 टन सीमा
  • डेयरी उत्पाद और कुछ कृषि वस्तुएं शुल्क रियायत से बाहर

भारत ने न्यूजीलैंड संग हुए मुक्त व्यापार समझौते के तहत कुछ उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क में रियायतों की पहली सूची जारी की।
भारत ने न्यूजीलैंड संग हुए मुक्त व्यापार समझौते के तहत कुछ उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क में रियायतों की पहली सूची जारी की। - फोटो : AI
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विस्तार
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भारत ने न्यूजीलैंड संग हुए मुक्त व्यापार समझौते के तहत कुछ उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क में रियायतों की पहली सूची जारी कर दी है। यह समझौता 20 अक्तूबर से लागू होगा। राजस्व विभाग की अधिसूचना में कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क की दरें तय की गई हैं। वहीं कुछ वस्तुओं के लिए एक साल में तय मात्रा तक आयात करने की सीमा भी तय की गई है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इन रियायतों का लाभ लेने के लिए उत्पादों का निर्धारित श्रेणी में होना, संबंधित शर्तों को पूरा करना और उनके न्यूजीलैंड में बने होने का प्रमाण देना जरूरी होगा।

अधिसूचना के अनुसार, निर्धारित श्रेणियों में आने वाले ताजे, ठंडे और जमे हुए भेड़ के मांस के आयात पर मूल सीमा शुल्क, कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर और स्वास्थ्य उपकर शून्य रहेगा। कुछ श्रेणियों की मछलियों के आयात पर 25.71 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगेगा। इन पर कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर और स्वास्थ्य उपकर शून्य रहेगा। निर्धारित श्रेणी के मनुका शहद, जिसका मूल्य कम से कम 30 डॉलर प्रति किलोग्राम है, पर 51 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगेगा।

शहद की एक अन्य श्रेणी के लिए भी सालाना आयात सीमा तय की गई है। 20 डॉलर या उससे अधिक, लेकिन 30 डॉलर प्रति किलोग्राम से कम मूल्य वाले पात्र शहद के लिए 40 टन की वार्षिक आयात सीमा निर्धारित की गई है। इस सीमा के भीतर मूल सीमा शुल्क की दर 51 प्रतिशत होगी। इसके लिए प्रमाणन सहित अधिसूचना में दी गई शर्तों को पूरा करना होगा।

कीवी फल और दूध से बने प्रोटीन के लिए भी तय हुई आयात सीमा
न्यूजीलैंड से आने वाले निर्धारित श्रेणी के कीवी फल, जिनका मूल्य कम से कम 2.50 डॉलर प्रति किलोग्राम है, पर 15 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगेगा।

इसके अलावा, एल्ब्यूमिन उत्पादों के लिए सालाना 200 टन की आयात सीमा तय की गई है। इसमें दूध से प्राप्त प्रोटीन भी शामिल हैं। इस निर्धारित मात्रा के भीतर आयात पर मूल सीमा शुल्क की दर 10 प्रतिशत होगी।

सरकार की अधिसूचना में कुछ फर्नीचर और उनसे जुड़े उत्पादों के लिए शून्य मूल सीमा शुल्क का प्रावधान भी किया गया है। इनमें धातु से बने कुछ फर्नीचर, लकड़ी के बेडरूम फर्नीचर, विमान की सीटें, फर्नीचर के कुछ हिस्से तथा लैंप और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कुछ उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, इन रियायतों का लाभ केवल अधिसूचना में निर्धारित उत्पादों और शर्तों के अनुसार ही मिलेगा। तय मात्रा से जुड़े प्रावधानों के तहत आयात करने वालों को संबंधित सीमा और अन्य शर्तों का पालन करना होगा।

डेयरी उत्पाद और कुछ कृषि वस्तुएं छूट से बाहर
भारत ने इस समझौते के तहत कई संवेदनशील उत्पाद श्रेणियों को शुल्क में रियायत के दायरे से बाहर रखा है। इनमें डेयरी उत्पाद और कुछ निर्धारित कृषि वस्तुएं शामिल हैं। यानी इन उत्पादों को इस समझौते के तहत सीमा शुल्क में छूट नहीं दी गई है।

अधिसूचना के अनुसार, आयातकों को रियायती शुल्क का लाभ लेने के लिए यह भी प्रमाणित करना होगा कि संबंधित उत्पाद न्यूजीलैंड के मूल के हैं। इसके अलावा, उत्पाद के वर्गीकरण और उससे जुड़ी विशेष शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 1.13 अरब डॉलर रहा।


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