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Rajasthan: खाद की किल्लत या पर्याप्त स्टॉक? गहलोत के आरोपों पर कृषि मंत्री ने दिया जवाब, जानें पूरा मामला

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 11 Oct 2026 12:40 PM IST
सार

  • रबी सीजन के आगमन के साथ खाद की उपलब्धता को लेकर राजस्थान में राजनीति शुरू हो चुकी है।
  • पूर्व सीएम अशोल गहलोत ने किसानों को खाद न मिलने का आरोप लगाया
  • कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दावे को भ्रामक बताया, खाद की पर्याप्त स्टॉक का दावा किया
  • कृषि विभाग ने इस रबी सीजन में दलहन-तिलहन के रकबे में बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया है, जिसे अभी मजूरी मिलना बाकी है।

खाद की उपलब्धता को लेकर राजस्थान में सियासत शुरू।
खाद की उपलब्धता को लेकर राजस्थान में सियासत शुरू। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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रबी सीजन में खाद की उपलब्धता को लेकर राजस्थान में राजनीति शुरू हो चुकी है। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आरोप है कि प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल रही है। दूसरी ओर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए खारिज किया है। कृषि मंत्री का कहना है कि प्रदेश में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसानों को अफवाह में आकर बिना जरूरत खाद के भंडारण से बचने की सलाह दी है।

खरीफ फसलें सूखी और अब किसानों को खाद नहीं मिल रही
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले कमजोर मानसून की वजह से किसानों की फसलें सूख गई हैं और अब खाद की सख्त जरूरत के दौर में किसान को यह नहीं मिल रही। उन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम होने वाले खाद वितरण को पूरी तरह ठप करार दिया। उनका कहना है कि इ वजह से किसानों को खाद की ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी केंद्रों से खाल हाथ लौटने को मजबूर होने पड़ रहा है।

कृषि मंत्री का दावा: राज्य में खाद का पर्याप्त भंडार
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के साथ लगातार तालमेल बनाकर जरूरतों के हिसाब से खाद की सप्लाई तय कर रही है। उन्होंने किसानों से अफवाह को आधार बनाकर जरूरत से ज्यादा खाद न खरीदें।

कृषि मंत्री ने प्रदेश के मौजूदा उर्वरक भंडार के आंकडे पेश किए, जिसके तहत यूरिया का स्टॉक 3 लाख 72 हजाट टन है। वहीं,  डीएपी एक लाख छह हजार, एनपीके 97 हजार टनि और एसएसपी का भंडार दो लाख आठ हजार टन पर है। कृषि मंत्री ने बताया कि खाद की कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों में मांग के आधार पर प्राथमिकता से सप्लाई की जा रही है।

इस रबी दलहन-तिलहन के रकबे में बढ़ोतरी का प्लान
कृषि मंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में खाद्यान्न फसलों का रकबा घटाकर दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 2025-26 रबी सीजन में 3.98 मिलियन हेक्टेयर में तिलहन, 2.06 मिलियन हेक्टेयर में दलहन और 4.27 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में खाद्यान्न फसलों की बुवाई हुई थी।

वहीं, इस रबी सीजन में तिलहन का रकबा 4 मिलियन हेक्टेयर और दलहन का रकबा 2.19 मिलियन हेक्टेयर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया जा सकता है। कृषि मंत्री ने बताया कि फसलों के इस प्रस्तावित रकबे और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही राज्य में खाद की आपूर्ति और वितरण की पूरी योजना बनाई गई है।


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