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Home› Khabar Junction› Milk Business Sees 15 Growth Turnover Crosses Rs 2560 Crore In Six Months

Milk Business: दूध के कारोबार में 15% की बढ़ोतरी, छह महीने में 2560 करोड़ रुपये के पार पहुंचा टर्नओवर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 11 Oct 2026 12:54 PM IST
सार

  • मिल्मा के टर्नओवर में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान दूध और अन्य उत्पादों से 2,559.71 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

  • पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में संस्था का टर्नओवर 2,224.12 करोड़ रुपये था।

  • क्षेत्रीय संघों में मालाबार का कारोबार सबसे अधिक 1,011.62 करोड़ रुपये रहा।

दूध उत्पादक
दूध उत्पादक - फोटो : गांव जंक्शन
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केरल की दुग्ध सहकारी संस्था मिल्मा (Milma) के कारोबार में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान दूध और अन्य उत्पादों की बिक्री से संस्था का टर्नओवर बढ़कर 2,559.71 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 2,224.12 करोड़ रुपये था।

मिल्मा के तीन क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों का कुल टर्नओवर 2,328.87 करोड़ रुपये रहा। वहीं, केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMF) के तहत आने वाली इकाइयों के उत्पादों से 230.84 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

मालाबार क्षेत्रीय संघ का सबसे ज्यादा कारोबार
मिल्मा के क्षेत्रीय संघों में मालाबार रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (MRCMPU) का टर्नओवर सबसे अधिक रहा। इसका कारोबार पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के 855.24 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,011.62 करोड़ रुपये हो गया।

तिरुवनंतपुरम रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (TRCMPU) का टर्नओवर 635.89 करोड़ रुपये से बढ़कर 746.21 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 17.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह, एर्नाकुलम रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (ERCMPU) का कारोबार 515.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 571.04 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 10.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

दुग्ध उत्पादकों को भी मिला फायदा
मिल्मा के अध्यक्ष केएस मणि ने कहा कि कारोबार में बढ़ोतरी से बाजार में संस्था की मजबूत स्थिति और उसके उत्पादों पर उपभोक्ताओं के भरोसे का पता चलता है। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

मणि के मुताबिक, कारोबार बढ़ने का फायदा मिल्मा के सहकारी नेटवर्क से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को भी मिला है। इससे किसानों से दूध की खरीद बढ़ाने में मदद मिली है। संस्था और उसके क्षेत्रीय संघों ने किसानों के कल्याण का ध्यान रखते हुए दूध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।
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