महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने आई केंद्रीय टीम आगामी सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट केंद्र ्को सौंपेगी। यह रिपोर्ट राज्य सरकार और किसानों के लिए काफी मायने रखती है, क्योकि केंद्र सरकार से मिलेन वाली वित्तीय सहायता को तय करने में यह रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी।
सोलापुर पहुंची टीम, किसानों से बातचीत की
शनिवार को केंद्रिय टीम सोलापुर जिले में निरीक्षण करने पहुंची। यह दौरान मंगलवेढा तहसील के आधगांव से शुरू हुआ, जिसके बाद टीम ने लेंडवे चिंचोली और गोनेवाड़ी का दौरा किया और आखिर में सांगोला तहसील के वाकी घेरडी में अपना निरीक्षण पूरा किया। निरीक्षण केदौरान टीम ने तीन तहसीलो के सूखा प्रभावित गांवों का दौरा किया और किसानों से बातचीत कर उनकी फसलों के नुकसान की जानकारी ली।
तेजी से हो रहा है नुकसान का आकलन
महाराष्ट्र के कृषि आयुक्त सूरज मांढरे के अनुसार, केंद्रीय टीम की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत आमतौर पर इस तरह के आकलन में एक महीने तक का समय लगता है, लेकिन सूखे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इस प्रक्रिया में तेजी ला दी है।
कृषि आयुक्त ने बताया कि प्रभावित इलाकों में किसानों की फसलों के नुकसान का आकलन, जिसे 'पंचनामा' कहा जाता है, बड़े स्तर पर चल रहा है। इसमें बैंगन जैसी फसलों को भी शामिल किया गया है ताकि नुकसान का सही-सही पता चल सके। अधिकारी के अनुसार, सरकार को उन इलाकों से भी राहत की मांग आ रही है जहां बुवाई के बाद फसलें बर्बाद हो गईं, और उन इलाकों से भी जहां कम बारिश के कारण किसान अपने खेतों में बुवाई ही नहीं कर पाए।
अधिकारी ने यह भी बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों में नुकसान अलग-अलग तरह का है, इसलिए सही राहत तय करने के लिए बारीकी से आकलन किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिली मांगों पर केंद्रीय टीम विचार करेगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सूखा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा के लिए एक बैठक भी बुलाएंगे। नुकसान की रिपोर्ट और किसानों की जरूरतों की जांच के बाद राज्य सरकार राहत पर आगे का फैसला लेगी।
बारिश के आंकड़े और मानसून की वापसी
मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में 1 जून से 30 सितंबर के बीच 804.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह इस मौसम की औसत 994.5 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले लगभग 19 प्रतिशत कम है। IMD के मुताबिक, 3 अक्टूबर को महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो गई है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे जल्दी है।
IMD के अनुसार, इस सीजन में राज्य के 21 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में नागपुर, चंद्रपुर, हिंगोली, बीड और धाराशिव शामिल हैं। वहीं, मुंबई (शहर और उपनगर), ठाणे, पुणे, रायगढ़ और रत्नागिरी में सामान्य बारिश हुई, जबकि नासिक और पालघर जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।