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मध्य प्रदेश: पन्ना के किसानों का मिट्टी सत्याग्रह, मझगवां व रुन्झ सिंचाई परियोजनाओं के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन

गांव जंक्शन डेस्क, पन्ना Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 21 Sep 2026 08:53 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के पन्ना में मझगवां और रुन्झ सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसान मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने 10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। जानिए, विस्तार से...
 

प्रभावित परिवारों की मांग है कि जमीन का उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास की मांग।
प्रभावित परिवारों की मांग है कि जमीन का उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास की मांग। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मझगवां और रुन्झ मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसान और आदिवासी परिवार मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अब अपनी मांग को लेकर ‘मिट्टी सत्याग्रह’ शुरू किया है। उनका कहना है कि उनकी जमीन से भावनात्मक और आजीविका का गहरा जुड़ाव है।

10 दिनों से चल रहा प्रदर्शन
अजयगढ़ क्षेत्र के मझगवां बांध, बनहरीकला तपड़ियां में पिछले करीब 10 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पहले प्रतीकात्मक चिता और जल सत्याग्रह भी किया था। रविवार देर रात तक उन्होंने मशाल लेकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को केन-बेतवा लिंक परियोजना और ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन से प्रभावित लोगों का भी समर्थन मिला है।

उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग
जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावित परिवारों की मांग है कि जमीन का उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन नोटिस और दूसरी कार्रवाइयों के जरिए आंदोलन को रोकने का दबाव बना रहा है। उन्होंने मझगवां परियोजना के निर्माण, मुआवजे और पुनर्वास प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग भी की। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि प्रभावित परिवारों की कई पीढ़ियां इसी जमीन पर निर्भर रही हैं और इसी जुड़ाव को ‘मिट्टी सत्याग्रह’ के जरिए सामने रखा जा रहा है।

आदिवासी महिला की मौत पर जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय आदिवासी महिला रामिया बाई की मौत का मामला भी उठाया गया है। अमित भटनागर ने इस मामले की जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, रामिया बाई ने 12 और 13 सितंबर को आंदोलन में हिस्सा लिया था और घर लौटने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उनकी मौत हुई। हालांकि अधिकारियों ने उनकी मौत को प्राकृतिक बताया है।

10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश
सागर संभाग के आयुक्त दिलीप कुमार ने शुक्रवार को मझगवां और रुनझ मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को 10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश दिए। इनमें बालूपुर और कुंवरपुर के प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। इसके बाद पन्ना जिला प्रशासन ने विस्थापित ग्रामीणों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अमित भटनागर ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रखना है या नहीं, इस पर प्रदर्शनकारियों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
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