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उत्तराखंड: सहकारिता और एम-पैक्स से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पहाड़ी खेती, सीएम धामी का बयान

गांव जंक्शन डेस्क, देहरादून Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 21 Sep 2026 08:07 PM IST
सार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं और एम-पैक्स ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पहाड़ी खेती और किसानों को मजबूती देने के साथ युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : AI Image
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विस्तार
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं और एम-पैक्स (M-PACS) राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे पहाड़ी खेती को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।

धामी सोमवार को पंतनगर में आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारी नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सहकार भारती उत्तराखंड ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में किया।

मजबूत नेतृत्व से मजबूत होंगे एम-पैक्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए कुशल नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने कहा, मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांव उत्तराखंड को समृद्ध बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि पंतनगर से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने वाली कई पहल शुरू की गई हैं। इनमें ‘सहकार ग्रंथ’, राज्य सहकारी संघ की ‘देवभूमि सारथी’ पहल, सहकारिता क्षेत्र के नए पाठ्यक्रम, युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान और एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।

पहाड़ी खेती और स्थानीय उत्पादों पर जोर
धामी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को ‘सहकारिता के माध्यम से समृद्धि’ के विजन की ओर तेजी से आगे ले जाने के लिए काम कर रही है। पहाड़ी राज्य में पलायन रोकने, पहाड़ी कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सहकारिता प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS) राज्य की सहकारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बदलती जरूरतों के अनुसार इन्हें एम-पैक्स के रूप में मजबूत किया जा रहा है, ताकि ये किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ज्यादा प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

किसानों और युवाओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स के जरिए किसानों को बेहतर सुविधाएं देने, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर सरकार का जोर है।

उन्होंने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे नेतृत्व करने वालों में नई सोच, नए तरीके और बेहतर दिशा विकसित होती है।

महिलाओं, युवाओं और किसानों को जोड़ने पर जोर
धामी ने कहा कि किसानों, युवाओं और महिलाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सहकारी संस्थाओं को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को मिलकर सहकारिता को जनआंदोलन का रूप देना होगा। इससे गांव मजबूत होंगे, युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
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