मलेशियाई पाम ऑयल के वायदा बाजार में बुधवार को लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। बाजार में यह नरमी मुख्य रूप से दूसरे खाद्य तेलों और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण देखी जा रही है। बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर दिसंबर डिलीवरी वाले पाम ऑयल के बेंचमार्क अनुबंध की कीमत शुरुआती कारोबार में 25 रिंगित (0.52 प्रतिशत) गिरकर 4,785 रिंगित (लगभग 1,175.96 डॉलर) प्रति मीट्रिक टन पर आ गई है।
कच्चे तेल और अन्य खाद्य तेलों का प्रभाव
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण सऊदी अरब द्वारा लाल सागर (Red Sea) की एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन पर कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से शुरू करना है। इसके अलावा, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) वार्ता के माध्यम से अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने भी तेल की कीमतों पर दबाव डाला है। कच्चे तेल की कीमतें कमजोर होने से बायोडीजल बनाने के लिए पाम ऑयल का इस्तेमाल कम हो जाता है।
वैश्विक बाजार में पाम ऑयल अन्य तेलों के साथ सीधे तौर पर मुकाबला करता है, इसलिए अन्य तेलों की कीमतों का इस पर सीधा असर पड़ता है। डालियान (Dalian) का सबसे ज्यादा सक्रिय सोयाबीन तेल अनुबंध 0.38 प्रतिशत गिरा, जबकि इसका पाम ऑयल अनुबंध 1.41 प्रतिशत टूट गया। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर भी सोयाबीन तेल की कीमतों में 0.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
यूरोपीय संघ के आयात में भारी कमी
यूरोपीय आयोग (European Commission) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से शुरू हुए 2026/27 सीजन के लिए 20 सितंबर तक यूरोपीय संघ (EU) का सोयाबीन आयात 2.67 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत कम है। इसी अवधि में पाम ऑयल का आयात भी 26 प्रतिशत गिरकर 0.56 मिलियन टन रह गया है।
मौसम और उत्पादन पर संभावित असर (ब्राजील और इंडोनेशिया)
ब्राजील की प्रमुख पाम ऑयल उत्पादक कंपनी 'एग्रोपाल्मा' को नए फसल चक्र में अपने उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। पिछले साल 2023-24 में 'अल नीनो' (El Niño) के कारण वहां का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।व दूसरी तरफ, मौसम एजेंसी के अनुसार, इंडोनेशिया में इस साल नवंबर से शुरू होने वाला बारिश का मौसम सामान्य से छोटा रहने की उम्मीद है। मौसम में इस बदलाव के कारण किसानों की बुवाई का कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा असर आने वाली फसलों पर पड़ेगा।
बाजार के अन्य रुझान और तकनीकी विश्लेषण
रॉयटर्स के तकनीकी विश्लेषक वांग ताओ के अनुसार, पाम ऑयल की कीमत 4,799 रिंगित प्रति टन के अपने सपोर्ट स्तर को तोड़ सकती है और इसके 4,732 से 4,766 रिंगित के दायरे तक नीचे गिरने की संभावना है। इस बीच, एशियाई शेयर बाजारों में लगातार छठे दिन तेजी की उम्मीद की जा रही है, जिसका कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप्स के लिए बढ़ती मांग है, जिसने टेक शेयरों को सहारा दिया है। वहीं, मध्य पूर्व (Middle East) से आपूर्ति बढ़ने की रिपोर्टों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।