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Home› Khabar Junction› Paddy Will No Longer Be Sold Through Otp Fingerprint Mandatory In Chhattisgarh Token Rules Also Changed

अब OTP से नहीं बिकेगा धान : छत्तीसगढ़ में फिंगरप्रिंट अनिवार्य, टोकन के नियम भी बदले

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 24 Oct 2026 05:34 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नए नियमों के तहत फिंगरप्रिंट से बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। जानें टोकन में धान की मात्रा और बची मात्रा रद्द होने से जुड़े नियम।

धान खरीद
धान खरीद - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के आगामी सीजन के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अब खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमीट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। केवल ओटीपी के माध्यम से सत्यापन कर धान बेचने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

नए नियम के अनुसार, धान बेचते समय किसान या उनके अधिकृत व्यक्ति का बायोमीट्रिक सत्यापन जरूरी होगा। इसलिए किसानों को खरीदी केंद्र जाने से पहले अपनी सत्यापन संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित समिति से जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

एक से ज्यादा टोकन होने पर बराबर बंटेगी धान की मात्रा
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी किसान के धान की कुल मात्रा अधिक होने के कारण एक से ज्यादा टोकन जारी किए जाते हैं, तो हर टोकन में धान की मात्रा बराबर रखी जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि किसान के पास 120 क्विंटल धान है और उसके लिए दो टोकन जारी होते हैं, तो प्रत्येक टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा। इसी तरह, 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन बनने पर हर टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा तय की जाएगी। किसान को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान बेचने की अनुमति होगी। इसलिए टोकन जारी कराते समय धान की मात्रा की जांच करना जरूरी है।

कम धान बेचने पर बाकी मात्रा हो जाएगी रद्द
नए नियमों में टोकन की स्वीकृत मात्रा से कम धान बेचने की स्थिति को लेकर भी प्रावधान किया गया है। यदि किसान टोकन में दर्ज पूरी मात्रा नहीं बेच पाता है, तो बची हुई मात्रा अपने आप रद्द हो जाएगी। उसे अगले टोकन में जोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

उदाहरण के लिए, यदि किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल धान बेचने की स्वीकृति है, लेकिन वह केवल 80 क्विंटल ही बेच पाता है, तो बाकी 20 क्विंटल की मात्रा रद्द मानी जाएगी। इसे अगले टोकन में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

खरीदी केंद्र जाने से पहले नियमों की जानकारी लें किसान
नियमों में हुए बदलाव को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे टोकन जारी कराने और धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले संबंधित समिति से पूरी जानकारी ले लें। इससे बायोमीट्रिक सत्यापन या टोकन में दर्ज मात्रा को लेकर होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
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