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Madhya Pradesh Mohan Yadav Transferred Rs 317 86 Crore To Farmers Accounts Providing Water To 57 000 Hectares
मध्य प्रदेश : मोहन यादव ने किसानों के खातों में भेजे 317.86 करोड़ रुपये, 57 हजार हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 24 Oct 2026 05:26 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में PM फसल बीमा योजना के तहत 16.70 लाख पात्र किसान आवेदकों के लिए 317.86 करोड़ रुपये जारी किए गए। धार-झाबुआ में 2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का भी लोकार्पण हुआ।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 16.70 लाख पात्र किसान आवेदकों के लिए 317.86 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि जारी की है। धार जिले के सरदारपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 2,387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भी लोकार्पण किया। इस परियोजना से धार और झाबुआ जिले के 260 गांवों की करीब 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
16.70 लाख किसानों के लिए जारी हुई बीमा राशि
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसल वर्ष 2025-26 की बीमा दावा राशि जारी की। इसके तहत 16.70 लाख पात्र किसान आवेदकों के लिए कुल 317.86 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई।
फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में बीमा राशि मिलने से उन्हें खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने और अगली फसल की तैयारी करने में मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसलों को तय शर्तों के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं और दूसरे अधिसूचित जोखिमों से हुए नुकसान पर बीमा सुरक्षा दी जाती है।
2,387 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना शुरू
किसानों को बीमा राशि देने के साथ मुख्यमंत्री ने 2,387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण भी किया। इस परियोजना का उद्देश्य उन कृषि क्षेत्रों तक पानी पहुंचाना है, जहां सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं।
परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की लगभग 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे खासकर आदिवासी बहुल इलाकों के किसानों को फायदा हो सकता है।
260 गांवों के किसानों को मिलेगा फायदा
सिंचाई की सुविधा बढ़ने से किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे बारिश पर निर्भरता कम हो सकती है और खेती करना आसान हो सकता है। समय पर सिंचाई मिलने से फसल उत्पादन बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, परियोजना से किसानों को वास्तविक लाभ कब और किस स्तर पर मिलेगा, यह पानी की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था के संचालन पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है फसल बीमा?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत बीमा कराने वाले पात्र किसानों को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार दावा राशि दी जाती है। यह रकम किसानों को खाद, बीज और खेती से जुड़े दूसरे जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद कर सकती है। हालांकि, बीमा का लाभ फसल, नुकसान के आकलन और योजना के लागू नियमों के आधार पर मिलता है।
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