Home›Khabar Junction›
Modern Markets Built For Farmers In Bihar Fruits Grains Dairy Products To Be Sold Under One Roof
बिहार में किसानों के लिए बनेंगे मॉडर्न बाजार : एक ही छत के नीचे बिकेंगे फल, अनाज और डेयरी उत्पाद
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 24 Oct 2026 05:41 PM IST
सार
बिहार में 54 बाजार समितियों के विकास पर करीब 2,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जानें आधुनिक मंडियों, कोल्ड स्टोरेज, गोदाम और ई-नाम से ऑनलाइन बिक्री की योजना के बारे में।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
- फोटो : गांव जंक्शन
बिहार के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। इसके तहत बाजार समिति की जमीन पर बहुमंजिला आधुनिक बाजार विकसित किए जाएंगे। यहां फल, सब्जी, अनाज, डेयरी उत्पाद, मछली और फूलों की बिक्री के लिए अलग-अलग जगह बनाई जाएगी। साथ ही, किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम और कोल्ड स्टोरेज भी बनाए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य कृषि उपज के भंडारण और बिक्री की व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बाजार समितियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई-नाम (e-NAM) से जोड़ने की भी योजना है। इससे किसानों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपज बेचने का विकल्प मिलेगा।
बहुमंजिला बाजार में अलग-अलग उत्पादों के लिए होंगे जोन
योजना के मुताबिक, आधुनिक बाजारों में अलग-अलग मंजिलों पर विभिन्न कृषि उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था होगी। निचली मंजिल पर फल-सब्जी और अनाज मंडी बनाई जाएगी। ऊपरी मंजिलों पर डेयरी उत्पाद, मछली और फूलों की बिक्री के लिए अलग-अलग जोन होंगे।
किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए बाजार परिसर में बड़े गोदाम और कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा कैंटीन, 40 बेड का गेस्ट हाउस, महिलाओं के लिए विश्राम गृह और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
कोल्ड स्टोरेज से उपज खराब होने का खतरा होगा कम
किसानों के सामने अक्सर यह समस्या आती है कि फसल तैयार होने के बाद सही समय पर बिक्री नहीं हो पाती। ऐसे में फल, सब्जियों और दूसरी जल्दी खराब होने वाली उपज को सुरक्षित रखना मुश्किल होता है।
कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिलने से किसान अपनी उपज को कुछ समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार की स्थिति के अनुसार बिक्री का फैसला कर सकेंगे। इससे जल्दबाजी में उपज बेचने की मजबूरी कम हो सकती है। हालांकि, इसका फायदा भंडारण की उपलब्धता, शुल्क और बाजार भाव पर निर्भर करेगा।
ई-नाम से ऑनलाइन बिक्री का मिलेगा विकल्प
बाजार समितियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई-नाम (e-NAM) से जोड़ने की योजना है। इससे किसानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी उपज बेचने का विकल्प मिल सकता है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को आसान बनाना और किसानों को अधिक खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
बेहतर मंडी व्यवस्था और भंडारण सुविधाओं से किसानों को अपनी उपज की बिक्री की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। इससे उन्हें स्थानीय बाजार के अलावा दूसरे बाजारों तक पहुंचने का अवसर भी मिल सकता है।
54 बाजार समितियों के विकास पर खर्च होंगे 2,700 करोड़ रुपये
बिहार कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य की 54 बाजार समितियों के जीर्णोद्धार और विकास पर करीब 2,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गया के चंदौती और वैशाली बाजार समिति का काम पूरा हो चुका है, जबकि पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में काम अंतिम चरण में बताया गया है।
योजना के तहत बाजार समिति परिसरों में चहारदीवारी, सड़क, नाला, बिजली, पानी, सीसीटीवी और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन सुविधाओं से बाजार समितियों में उपज की खरीद-बिक्री और भंडारण की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिलने के लिए जरूरी होगा कि बाजार, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज समय पर तैयार हों और किसानों के लिए सुलभ दरों पर उपलब्ध रहें।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।