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Chhattisgarh Farmers Move Beyond Rice And Vegetable Farming Improved Seed Production Sees 75 Jump In Earnings
छत्तीसगढ़ : धान-सब्जी की खेती से आगे बढ़े किसान, उन्नत बीज उत्पादन से कमाई में 75% का उछाल
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 24 Oct 2026 05:30 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ढाबाडीह गांव में किसानों ने अनुबंध खेती और उन्नत बीज उत्पादन अपनाया। किसानों के मुताबिक, इससे प्रति एकड़ बचत बढ़कर 1.75 लाख रुपये हुई।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम ढाबाडीह के किसानों ने खेती का तरीका बदलकर अच्छी कमाई की मिसाल पेश की है। भाटापारा विकासखंड के इन किसानों ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ उन्नत बीज उत्पादन शुरू किया है। इससे उनकी आय में करीब 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। किसानों के मुताबिक, अब उन्हें प्रति एकड़ करीब 1.75 लाख रुपये की बचत हो रही है।
अनुबंध खेती से बाजार के जोखिम से मिली राहत
ग्राम ढाबाडीह के किसान रूपेंद्र साहू, उमा साहू, राजाराम एक्का और प्रमिला साहू पहले धान और सब्जियों की पारंपरिक खेती करते थे। मौसम की अनिश्चितता और बाजार में फसलों के दाम घटने-बढ़ने से उनकी कमाई प्रभावित होती थी।
इस समस्या का समाधान खोजने के लिए किसानों ने भाटापारा के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने एक प्रमुख बीज कंपनी के साथ अनुबंध किया और 25 एकड़ क्षेत्र में उन्नत बीज उत्पादन शुरू किया।
अनुबंध खेती का फायदा यह हुआ कि कंपनी के साथ पहले से तय शर्तों के आधार पर बीज की बिक्री होने लगी। इससे बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हुआ। वहीं, मिलकर खेती करने से मजदूरी का खर्च घटाने में भी मदद मिली।
सोलर ड्रायर से बीज सुखाने में आसानी
बारिश के मौसम में बीजों को सुखाना किसानों के लिए चुनौती बन जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए उद्यानिकी विभाग ने किसानों को दो क्रॉप सोलर ड्रायर उपलब्ध कराए। इनकी मदद से बारिश के दौरान भी बीज सुखाने में आसानी होती है।
प्रति एकड़ बचत बढ़कर 1.75 लाख रुपये हुई
पहले किसान आठ हेक्टेयर में सब्जियां और दो हेक्टेयर में धान की खेती करते थे। उस समय प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता था। अब नौ हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन के साथ उन्नत बीज उत्पादन अपनाने से प्रति एकड़ बचत बढ़कर करीब 1.75 लाख रुपये हो गई है। ढाबाडीह के किसानों की इस सफलता से आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। वे भी अनुबंध खेती और उन्नत बीज उत्पादन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने के विकल्प तलाश रहे हैं।
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